Logo
ब्रेकिंग
बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ...
Header Ad

नीतीश-BJP के साइलेंट वेपन पर कांग्रेस की नजर, पाले में करने का क्या है प्लान?

0

बिहार में विधानसभा चुनाव के करीब आते ही पार्टियों ने अपनी तैयारियों में तेजी ला दी है. जनता को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं. सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, हर किसी के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ पटना की कुर्सी है. इसे पाने के लिए साइलेंट वोटर्स कही जानी वालीं महिलाओं का वोट हासिल करना महत्वपूर्ण है. सीएम नीतीश कुमार तो उनके लिए अब तक कई ऐलान कर चुके हैं. वहीं कांग्रेस भी इसमें पीछे नहीं रहना चाहती. नीतीश के साइलेंट वेपन को पाले में करने का उसने प्लान भी बना लिया है.

बिहार की महिलाओं का वोट कैसे हासिल करना है, इसकी जिम्मेदारी खुद प्रियंका गांधी के हाथों में है. जानकारी के मुताबिक, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बार बिहार चुनाव प्रचार में प्रियंका को सक्रिय रूप से शामिल करने की योजना पर काम कर रहा है.

रिपोर्ट्स की मानें तो पार्टी उनके लिए एक बड़ी रैली आयोजित करने की भी योजना बना रही है. उम्मीद है कि राज्य में उनकी बढ़ती भागीदारी उन महिला मतदाताओं को एकजुट करेगी, जिन्होंने राज्य में एनडीए सरकारों के भाग्य का फैसला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा में प्रियंका गांधी की उपस्थिति ने युवा और महिला मतदाताओं को उत्साहित किया. लोग उनमें स्वर्गीय इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व देखते हैं और उन्हें देखना और सुनना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के मतदाताओं के साथ उनकी बढ़ती सहभागिता से महिला मतदाताओं को सामान्य रूप से कांग्रेस और विशेष रूप से इंडिया गठबंधन के पक्ष में महत्वपूर्ण रूप से संगठित किया जा सकता है.

प्रियंका को प्रचार में उतारने के लिए कांग्रेस क्यों मजबूर?

जानकारों का कहना है कि कांग्रेस प्रियंका को चुनाव प्रचार में शामिल करने के लिए मजबूर है, क्योंकि हाल के चुनावों में मतदान केंद्रों पर पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या ज़्यादा देखी गई है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 243 विधानसभा सीटों में से 167 ऐसी थीं जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज़्यादा थी. इस चुनाव में पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 54 था, जबकि महिलाओं का वोटिंग पर्सेंटेज 60 था. 2015 में ये रुझान और भी स्पष्ट था जब 202 सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किया था. यह बदलाव 2010 में शुरू हुआ था.

कांग्रेस ने क्या वादे किए?

महिलाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस ने ये भी वादा किया है कि सत्ता में आने पर वह हर महीने बैंक खाते में 2500 रुपये जमा कराएगी. माई बहन मान योजना के तहत ये राशि महिलाओं के खाते में डाली जाएगी. पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि इस योजना से समाज के सभी वर्गों की महिलाओं को आर्थिक मदद मिलेगी.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पिछले साल दिसंबर में ही माई बहन मान योजना शुरू करने की घोषणा की थी और वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी राज्य में अगली सरकार बनाती है तो वे महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने इतनी ही राशि जमा करेंगे.

कांग्रेस ने जुलाई में 5 लाख महिलाओं को सेनेटरी पैड बांटने का ऐलान किया था. कांग्रेसस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि हमने बिहार की महिलाओं के लिए विशेष तैयारी की है. राज्य की महिलाओं को सेनेटरी पैड दिया जाएगा. ये सेनेटरी पैड हरेक महिला तक पहुंचाया जाएगा.

महिलाओं के लिए नीतीश क्या कर रहे?

नवंबर 2005 में सत्ता संभालने के बाद से नीतीश कुमार ने महिलाओं को अपना सबसे मजबूत राजनीतिक आधार बनाने के लिए काम किया है. सामाजिक कल्याण से लेकर शिक्षा, शराबबंदी से लेकर शासन में आरक्षण तक उनकी राजनीति ने महिलाओं को बिहार की राजनीतिक कहानी के केंद्र में रखा है. इस बार भी महिलाएं उनकी रणनीति के केंद्र में हैं.

हाल के महीनों में, उन्होंने उनके लिए कई पहल शुरू की हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार ने इस रणनीति की रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली थी और अब इसे अमल में ला रहे हैं. कई लोगों का मानना ​​है कि 2025 के विधानसभा चुनावों में महिला मतदाता ही असली निर्णायक साबित हो सकती हैं.

महिलाओं के लिए नीतीश के 7 बड़े ऐलान

  • जिविका दीदी: नीतीश कुमार ने ग्रामीण महिलाओं को लुभाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया. इसके तहत 1.40 लाख जीविका कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना कर दिया गया है. साथ ही बैंक ऋण पर ब्याज दर 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दी गई है. इस फैसले से ग्रामीण महिलाओं के एक बड़े समूह को लाभ मिलने वाला है और इसे नीतीश कुमार का चुनावी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.
  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना
  • आशा वर्कर्स का मानदेय 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये और ममता कार्यकर्ताओं का मानदेय 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है.
  • आंगनवाड़ी वर्कर्स को डिजिटल सपोर्ट
  • मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना
  • स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों का मानदेय 1,600 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये कर दिया गया है. चूंकि इस क्षेत्र में ज़्यादातर महिलाएं कार्यरत हैं, इसलिए इस फ़ैसले का सीधा असर महिला मतदाताओं पर भी पड़ेगा.
  • नीतीश कुमार ने बिहार में पंचायतों और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण पहले ही लागू कर दिया था. इसके अलावा, पहले पुलिस सेवाओं में और बाद में सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया.
Leave A Reply

Your email address will not be published.