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जलती रही मां, पर मासूम को सीने से चिपकाए रखा, ग्वालियर में दोनों की लाश को देख सिहर उठे लोग

मरते समय भी मां की ममता कम नहीं हुई और उसने अपनी बेटी को कलेजे के टुकड़े से लगाए रखा. आग से जली मां-बेटी की लाश को देखने के बाद दिल दहल गया. जले हुए मलबे के बीच जब पुलिस और गांववाले घर के अंदर पहुंचे तो मां-बेटी की लाशें सीने से चिपकी हुई मिलीं. मां ने अपनी तीन साल की मासूम को कसकर सीने से लगाए रखा था. ये रूह कंपा देने वाली घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर के सिमरिया ताल गांव की है.

घटना बुधवार देर रात की है. 25 वर्षीय उमा उर्फ मनीषा बघेल और उसकी बेटी जानवी (3 वर्ष) घर पर अकेली थीं. देर रात अचानक घर से आग की लपटें उठने लगीं. पड़ोसियों ने धुआं और आग देखी तो तुरंत पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और साथ ही पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही डबरा देहात थाने के प्रभारी सुधाकर सिंह तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया.

दोनों के शव जले हुए थे

जब कमरे का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया. कमरे में दोनों के शव बुरी तरह जले हुए हालत में पड़े थे. उमा अपनी बेटी को सीने से लगाकर आखिरी सांस तक पकड़े रही. इस मंजर को देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.

ग्रामीणों ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही मनीषा का अपने पति से विवाद हुआ था. विवाद के बाद पति अपनी मां को इलाज के लिए ग्वालियर लेकर गया था और वापस नहीं लौटा. उसी दौरान यह हादसा हो गया. महिला के मायके पक्ष का आरोप है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष की साजिश हो सकती है. उनका कहना है कि उमा और उसकी बेटी को जानबूझकर जलाया गया है.

शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

पुलिस ने तुरंत मौके की नाकाबंदी की और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीएम हाउस भिजवाया. फॉरेंसिक टीम ग्वालियर से गांव पहुंचेगी, ताकि आग लगने की असली वजह का पता चल सके. पोस्टमार्टम के बाद ही शव परिजन को अंतिम संस्कार के लिए सौंपे जाएंगे.

एसडीओपी सौरव कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में मां-बेटी की मौत आग में झुलसने से हुई है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग हादसा था या जानबूझकर लगाई गई थी. पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है. पति-पत्नी के बीच विवाद की बात भी सामने आई है, लेकिन फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी.

मायके पक्ष का कहना है कि मनीषा एक दिन पहले ही अपने गांव सोसा (तिघरा क्षेत्र) से ससुराल आई थी. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए ससुराल पक्ष पर हत्या का शक जताया है.

गांव में पसरा मातम

गांव में इस घटना को लेकर मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि मरते समय भी मां का प्यार खत्म नहीं हुआ. आग में झुलसने के बावजूद उसने अपनी बच्ची को कसकर सीने से लगाए रखा. यह मंजर सभी के लिए बेहद भावुक और पीड़ादायक था. फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह दर्दनाक हादसा था या फिर हत्या की साजिश.

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