Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

छिंदवाड़ा में 100 किमी दूर कलेक्ट्रेट पहुंचे मासूम: 3 बजे छुट्टी कर शाम 7 बजे तक कमरे में बंद रहते हैं शिक्षक, बच्चों ने खोली पोल

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन जी (Gen Z) आंदोलन के बाद अब जेन अल्फा (Gen Alpha) पीढ़ी भी अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग और मुखर नजर आ रही है।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरा ऐसा मामला सामने आया है, जहां स्कूली बच्चों ने बिना किसी भय के सीधे प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपने विद्यालय और छात्रावास प्रबंधन की अनियमितताओं को उजागर किया है। यह ताजा मामला जिले के भूराभगत क्षेत्र स्थित बिचबहरी गांव का है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से निराश होकर आदिवासी छात्र-छात्राएं और ग्रामीण करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करके सीधे जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में अपनी पीड़ा दर्ज कराई।

🚪 ‘दोपहर 3 बजे छुट्टी और शाम 7 बजे तक बंद कमरा’ — बच्चों ने लगाए गंभीर आरोप

कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने प्रभारी प्राचार्य और एक महिला अतिथि शिक्षक के आचरण पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • पढ़ाई पूरी तरह ठप: छात्रों का कहना है कि स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं और दोनों शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय दिनभर मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं।

  • समय से पहले छुट्टी: स्कूल का आधिकारिक समय शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है, लेकिन छात्रों को दोपहर 3 बजे ही जबरन घर भेज दिया जाता है।

  • शाम 7 बजे तक बंद कमरा: विद्यार्थियों ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट आरोप लगाया कि बच्चों को भेजने के बाद दोनों शिक्षक शाम 7 बजे तक स्कूल के एक ही कमरे में अंदर से बंद रहते हैं और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाती।

📜 ग्रामसभा में पारित हो चुका है शिक्षकों को हटाने का प्रस्ताव, अधिकारियों की अनदेखी

ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली और पूर्व में की गई शिकायतों की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया:

  • पूर्व में दी गई शिकायतें: ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

  • ग्रामसभा का कड़ा फैसला: प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर ग्रामीणों ने 16 अगस्त को आयोजित ग्रामसभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की मांग की थी।

⚖️ जनसुनवाई में हड़कंप, सहायक आयुक्त ने दिए तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश

100 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके आए मासूम आदिवासी बच्चों की दास्तान सुनकर कलेक्ट्रेट में उपस्थित अधिकारियों में हड़कंप मच गया:

  • तत्काल जांच के निर्देश: जनजातीय कार्य विभाग (आदिवासी विकास) के सहायक आयुक्त ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच दल गठित कर मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं।

  • कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन: अधिकारियों ने ग्रामीणों और बच्चों को आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक व विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Comments are closed.