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छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस लाठीचार्ज की जांच: सुप्रीम कोर्ट ने बनाई जस्टिस सुभाष रेड्डी कमेटी, नाबालिगों को रिहा करने का आदेश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने देश भर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित अत्यधिक बल प्रयोग और ज्यादतियों की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High-Powered Committee) का गठन किया है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में गठित इस 5-सदस्यीय कमेटी में कई पूर्व न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल किए गए हैं:

  • जस्टिस रवि शंकर झा: पूर्व मुख्य न्यायाधीश, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय

  • जस्टिस शालिंदर कौर: पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय

  • ऋषि कुमार शुक्ला: पूर्व निदेशक, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)

  • एल. आर. बिश्नोई: पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP), मेघालय

🔍 पैलेट गन, बल प्रयोग और महिलाओं से दुर्व्यवहार के आरोपों की होगी व्यापक जांच

शीर्ष अदालत ने कमेटी के लिए जांच का दायरा तय किया है:

  • बल प्रयोग की पड़ताल: कमेटी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध पैलेट गन के इस्तेमाल, लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही की बारीकी से जांच करेगी।

  • महिला सुरक्षा व मुआवजा: महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा और उत्पीड़न के आरोपों, घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता तथा उचित मुआवजे के वितरण की समीक्षा होगी।

  • संतुलन की रूपरेखा: शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच सटीक संतुलन बनाने के उपाय तलाशे जाएंगे।

📌 सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए प्रमुख दिशा-निर्देश

अदालत ने अंतरिम राहत और साक्ष्य सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आदेश दिए हैं:

  • दोतरफा जांच: कमेटी पुलिस की ज्यादतियों के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा के मामलों की भी निष्पक्ष जांच करेगी।

  • महिला उत्पीड़न को प्राथमिकता: महिला प्रदर्शनकारियों के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।

  • डिजिटल साक्ष्य सुरक्षा: विरोध प्रदर्शन स्थलों के सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, ड्रोन वीडियो, बॉडी कैम रिकॉर्डिंग्स और पीसीआर (PCR) कॉल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जाएगा।

  • नाबालिगों की रिहाई: हिरासत में लिए गए नाबालिगों को तत्काल रिहा किया जाएगा, सिवाय उन मामलों के जिनमें जघन्य व गंभीर अपराध शामिल हैं।

  • डेटा सुरक्षा: प्रदर्शनकारियों के व्यक्तिगत डेटा (Personal Data) को सुरक्षित रखा जाएगा और इसे सार्वजनिक करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

  • विभागीय कार्रवाई की छूट: कमेटी की जांच के अलावा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच स्वतंत्र रूप से जारी रह सकेगी।

📜 NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर आया फैसला, 10 सितंबर को अगली सुनवाई

याचिकाओं की पृष्ठभूमि और आगामी अदालती प्रक्रिया:

  • याचिका का आधार: यह आदेश नई दिल्ली के जंतर-मंतर, बिहार और देश के अन्य हिस्सों में नीट (NEET) व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद को लेकर हुए छात्र आंदोलनों से जुड़ी याचिकाओं पर आया है।

  • राष्ट्रीय दिशा-निर्देशों की मांग: याचिकाकर्ताओं ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानक दिशा-निर्देश (SOP) तय करने की गुहार लगाई थी।

  • अगली सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने समिति को जल्द से जल्द अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। मामले से जुड़े बड़े संवैधानिक सवालों पर विचार के साथ अब अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

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