Logo
ब्रेकिंग
दिल्ली पेलेट गन मामले में पहली FIR दर्ज: राहुल गांधी के 8 घंटे धरने के बाद BNS 118 व 125 में केस पेलेट गन मामले में FIR की मांग पर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे राहुल गांधी, BJP का पलटवार मसूरी-कैंपटी रोड पर भूस्खलन का कहर: सांझा दरबार के पास मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: 2,011 फैक्ट्रियों की जांच, 33 पर क्लोजर ऑर्डर और 44 पर लगा भारी जु... 'प्रति व्यक्ति आय में भारत बांग्लादेश से भी पिछड़ा': अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला 26/11 मुंबई हमला: हाफिज सईद और लखवी समेत 6 भगोड़ों पर चलेगा इन-एब्सेंटिया ट्रायल, MHA ने इंटरपोल से ... सहारनपुर में व्यक्ति की चोटी काटकर की मारपीट: फसल पर चलाया ट्रैक्टर, SSP ऑफिस पहुंचे ब्राह्मण समाज क... नासिक में गिट्टी उतारते समय धंसी सड़क: 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में गिरा डंपर, बाल-बाल बचे लोग NEET-NET विवाद के बाद NTA में बड़ा सुधार: 4 चरणों की स्क्रीनिंग से चुने जाएंगे नए सब्जेक्ट एक्सपर्ट दिल्ली मास्टर प्लान-2047: 100 मंजिल तक की इमारतों और आधुनिक सुविधाओं से बदलेगी राजधानी की तस्वीर
Header Ad

गजब! वक्फ कानून के विरोध में रियाजुद्दीन ने काटी बिजली, अंधेरे में डूबा मेरठ शहर

वक्फ कानून के खिलाफ देशभर के लोग अलग-अलग तरह से विरोध कर रहे हैं. इसी कड़ी में मुस्लिम संगठनों ने 1 मई की रात 15 मिनट के लिए अपने-अपने घरों की बिजली बंद करके विरोध दर्ज करवाने का ऐलान लिया था. इसी बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बिजली विभाग के एक कर्मचारी (लाइनमैन) रियाजुद्दीन ने 30 कॉलोनियों की बिजली काट दी. इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद ऊर्जा मंत्री के हस्तक्षेप से कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया.

वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में मुस्लिम संगठनों ने 30 अप्रैल की रात 9 बजे से 9:15 बजे तक लाइट बंद रखने का ऐलान किया था. इस दौरान मेरठ के इस्लामाबाद, लोहिया नगर, अहमदनगर और जली कोठी जैसे क्षेत्रों में हजारों घरों में अंधेरा छा गया. लोगों ने सड़कों तक की लाइट बंद कर विरोध दर्ज कराया. हालांकि, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब लाइट काटे जाने के बाद कुछ गांववालों ने अपने घरों में इनवर्टर चालू कर दिए.

गांववालों ने उर्जा मंत्री से की थी शिकायत

इस पर कुछ लोगों ने विरोध करते हुए गांव वालों से लाइट बंद करने को कहा. दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ी और माहौल बिगड़ने लगा. कुछ ही समय बाद बिजली बहाल हुई, लेकिन लोगों ने जब बिजली कटौती का कारण जानने की कोशिश की तो खुलासा हुआ कि यह कटौती जानबूझकर की गई थी. गांववालों ने इस मामले की शिकायत ऊर्जा मंत्री सोमेंद्र तोमर से की. मंत्री ने मेरठ क्षेत्र के बिजली विभाग अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए.

बिजली विभाग कर्मचारी रियाजुद्दीन सस्पेंड

शुक्रवार सुबह कल्लू पंडित के नेतृत्व में गांव वाले बिजलीघर पहुंचे और कर्मचारी रियाजुद्दीन के खिलाफ लिखित शिकायत दी. मामले का संज्ञान लेते हुए एमडी पावर पी वी वी एन एल ईशा दुल्हन ने बुलंदशहर के चीफ इंजीनियर संजय कुमार को जांच सौंपी. जांच के बाद पुष्टि हुई कि रियाजुद्दीन ने जानबूझकर पूरे क्षेत्र की बिजली काटी थी, जो कि विभागीय नियमों और निष्पक्षता के विरुद्ध था. ऊर्जा विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसे बर्खास्त कर दिया है.

जानें चीफ इंजीनियर ने क्या कहा

चीफ इंजीनियर संजय कुमार ने बताया कि रियाजुद्दीन ने बिना किसी शिकायत और ना ही रिकॉर्ड में चढ़ाकर शटडाउन किया, इस मामले में उनको आरोपी मानते हुए रियाजुद्दीन को बर्खास्त कर दिया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.