Logo
ब्रेकिंग
लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा बेंगलुरु से लौट रहे बिहारी युवक की ट्रेन में गई जान, जीआरपी ने किया था रेस्क्यू बैतूल: कोबरा से भी ज्यादा जहरीला कॉमन करैत मकान में निकला, सर्पमित्र ने सुरक्षित किया रेस्क्यू बैतूल की महिला की चिट्ठी राष्ट्रपति भवन पहुंची, असम के CM को भेजा गया मामला... 2 साल बाद मिला पति का... MP News: आदिवासी छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, आवास सहायता योजना से मिलेगी आर्थिक मदद कारगिल विजय दिवस 2026: देश आज मना रहा 27वां कारगिल विजय दिवस, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि यूसीसी की जरूरत क्यों पड़ी, सरकार पहले बताए जनता की राय क्या है: उमंग सिंघार खाटू श्याम जा रहे बाइक सवारों को कार ने मारी टक्कर,वृद्धा की मौत, दो घायल 18 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासी छात्र, अधीक्षक पर मारपीट और वसूली के आरोप रेगिस्तान में बसा इंजीनियरिंग का चमत्कार: 2200 साल पहले बिना नदी के कैसे बसा शहर ? आज भी वैज्ञानिक इ...
Header Ad

खोले जाएंगे Sukhna Lake के Flood Gate! खतरे के निशान के करीब पहुंचा पानी

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण सुखना झील का जलस्तर 1158.5 फीट तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 1163 फीट है। इस समय जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ 4.5 फीट नीचे है। अधिकारियों के अनुसार, बीते दिन हुई बारिश की वजह से झील के जलस्तर में करीब एक फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फिलहाल, यू.टी. इंजीनियरिंग विभाग ने झील की निगरानी के लिए 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम शुरू कर दिया है और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। विभाग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि यदि झील का जलस्तर खतरे के निशान को पार करता है, तो फ्लड गेट खोल दिए जाएंगे और सुखना चो (नाले) में पानी छोड़ा जाएगा, ताकि शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा न हो।

गौरतलब है कि पिछले दिनों भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण झील का जलस्तर 14 जून को घटकर 1156.5 फीट रह गया था, जो कि 15 मई को दर्ज 1157 फीट से भी नीचे चला गया था। फिलहाल, आज पूरे शहर में तेज धूप निकली हुई है और बादल छंट चुके हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि मौसम ऐसा ही बना रहा और बारिश नहीं हुई, तो झील का जलस्तर थोड़ा कम हो सकता है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर जलस्तर खतरे के निशान तक भी पहुंचता है, तो अतिरिक्त पानी सुखना झील में छोड़ दिया जाएगा, ताकि शहरवासियों को बाढ़ जैसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.