Logo
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल... Punjab Politics: पंजाब में नशे के खिलाफ BJP का आर-पार का संग्राम; 4 कोनों से शुरू होंगी यात्राएं, जा...
Header Ad

खनन के लिए यमुना पर तटबंध बनाने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी से जांच करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) से एक याचिका में उठाए गए उन मुद्दों की जांच करने को कहा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि खनन गतिविधि को सुविधाजनक बनाने के लिए हरियाणा में कालेसर वन्यजीव अभयारण्य के पास यमुना नदी पर तटबंध बनाया गया था. सीईसी का गठन शीर्ष अदालत के मई 2002 के आदेश के अनुसार अदालत के निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए किया गया था. जिसमें अतिक्रमण हटाने, कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन, प्रतिपूरक वनरोपण, वृक्षारोपण और अन्य संरक्षण मुद्दे शामिल हैं।

यह मामला न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए आया था. आवेदक की तरफ से पेश अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने बेंच को बताया कि वन्यजीव अभयारण्य के पास नदी पर तटबंध बनाया गया था, जिसके परिणामस्वरूप नदी का प्रवाह हरियाणा से उत्तर प्रदेश की ओर हो गया. उन्होंने दावा किया कि यह अनियंत्रित खनन गतिविधि को सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया था.

‘सीईसी मुद्दों की जांच करे और रिपोर्ट प्रस्तुत करे’

इससे पहले बेंच ने 29 अप्रैल को पारित अपने आदेश में कहा था कि यह उचित होगा कि केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) मुद्दों की जांच करे और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे. सुप्रीम कोर्ट ने आवेदक के वकील से कहा कि वो हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए उपस्थित होने वाले वकीलों को आवेदन की एक प्रति प्रदान करें, ताकि वे याचिका में किए गए कथनों पर अपनी टिप्पणी दे सकें. इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मई के अंतिम सप्ताह में तय की.

11,570 एकड़ में फैला हुआ है अभयारण्य

कलेसर वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित है. यह हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है और यमुना नदी के किनारे फैला हुआ है. यह एक प्रसिद्ध पक्षी-दर्शन स्थल और वन्यजीवों का अभयारण्य है. कलेसर राष्ट्रीय उद्यान यमुनानगर शहर से करीब 45 किमी दूरी है. यह अभयारण्य 11,570 एकड़ में फैला हुआ है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.