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क्या होगा सना का? खुद का पासपोर्ट भारत का, बच्चों का पासपोर्ट पाकिस्तान का

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने हमला किया, जिसमें कई बेकसूर लोगों की मौत हो गई. इस हमले के बाद से भारत से सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजा जा रहा है. इसी बीच पाकिस्तान में रहने वाली एक महिला भारत आई थीं. क्योंकि महिला का मायका उत्तर प्रदेश के मेरठ में है और उनका ससुराल पाकिस्तान में है. महिला हाल ही में अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके आई थी, जो अब जा नहीं पा रही हैं. ऐसे में उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.

दरअसल, पाकिस्तान की रहने वाली सना अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके भारत आई थीं. सना का मायका मेरठ के सरधना में है. सना भारत की नागरिक हैं और उनका पासपोर्ट भी यहीं का है, लेकिन उनके दोनों बच्चों का पासपोर्ट पाकिस्तान का ही है. ऐसे में उन्हें पाकिस्तान वापस जाने में परेशानी हो रही है. उनके दोनों बच्चों को जाने की इजाजत दी जा रही थी, लेकिन सना को बॉर्डर से वापस कर दिया था और सना बॉर्डर से वापस लौट गई थी.

9 साल बाद पाकिस्तान की नागरिकता

सना की शादी साल 2020 में उनकी पाकिस्तान में रहने वाली बुआ के बेटे के साथ हुई थी. तब से ही वह पाकिस्तान में टूरिस्ट वीजा पर रहती हैं. उनका वीजा हर 6 महीने बाद आगे बढ़ जाता है. सना के दोनों बेटों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. इसलिए उनके बच्चों को जन्म से ही पाकिस्तान की नागरिकता मिली हुई है. 9 साल बाद पाकिस्तान की नागरिकता मिलती है.

मदद की गुहार लगा रही है सना

अब सना मदद की गुहार लगा रही हैं कि उन्हें वापस पाकिस्तान जाने दिया जाए. सना के पास अब कुछ ही दिन बचे हैं. ऐसे में वह सरकार से मदद मांग रही हैं. उनका पूरा परिवार मदद की गुहार लगा रहा है. अब वह जल्द ही डीएम से मदद मांगेंगी. सना के मायके आने के बाद पहलगाम हमला हुआ. इसके बाद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत से वापस भेजा जा रहा है.

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