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ऑनलाइन गेमिंग पर नया कानून आने से आज इस शेयर में आ सकती है भारी गिरावट, आपने तो नहीं लगा रखा पैसा?

सरकार ने ऑनलाइन गेम खेलने वालों और ऐसे प्लेटफॉर्म चलाने वालों पर लगाम लगाने के लिए नया कानून बनाया है. इस कानून का नाम है ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025, जिसे बुधवार को लोकसभा में पास कर दिया गया. अब इस कानून के तहत अगर कोई भी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म लोगों से असली पैसे लेकर खेल करवाता है, तो उस पर सीधी कार्रवाई होगी. चाहे वो खेल दिमाग से खेला जाए या किस्मत से, सब पर एक जैसी सख्ती होगी. बिल में इतना सख्त प्रावधान है कि पुलिस या जांच एजेंसी अब बिना वारंट के भी किसी के दफ्तर या घर की तलाशी ले सकती है और गिरफ्तार कर सकती है. सरकार को यह भी हक मिलेगा कि वह देश में कहीं भी ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े सिस्टम, कंप्यूटर या मोबाइल की जांच कर सके.

इस कानून की सबसे सीधी मार पड़ी है भारत की अकेली लिस्टेड गेमिंग कंपनी नजारा टेक पर. कानून पास होने की खबर आते ही बुधवार को शेयर बाजार में नजारा टेक के शेयर बुरी तरह लुढ़क गए. कंपनी का शेयर करीब 13 फीसदी गिरकर ₹1,220 पर बंद हुआ. ये गिरावट एक दिन में करीब 170 रुपये प्रति शेयर की थी, जिससे छोटे निवेशक ही नहीं, बड़े-बड़े दिग्गजों को भी बड़ा नुकसान हुआ. मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट आज और बढ़ सकती है और कुछ ही दिनों में शेयर 30 फीसदी तक नीचे जा सकता है. ऐसे में अगर आपने इस कंपनी के शेयर खरीदे हैं आपको सर्तक रहने की जरूरत है.

नजारा की ‘छुपी हुई’ हिस्सेदारी बनी परेशानी

कागजों पर देखें तो नजारा टेक का रियल मनी गेमिंग यानी असली पैसे के साथ खेले जाने वाले खेलों से कोई सीधा लेना-देना नहीं है. लेकिन साल 2024 में नजारा ने पोकरबाजी नाम के गेमिंग ऐप को चलाने वाली कंपनी मूनशाइन टेक्नोलॉजी में करीब 47.7 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी. अब यह हिस्सेदारी घटकर 46.07 फीसदी रह गई है, जिसकी मौजूदा कीमत 805 करोड़ रुपये के आसपास है. नजारा टेक का कहना है कि यह सिर्फ एक निवेश है, कंपनी खुद रियल मनी गेमिंग नहीं चलाती. लेकिन चूंकि कानून में अब ऐसी हिस्सेदारी पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए बाजार में डर बना हुआ है.

खतरे में है कंपनी का निवेश

शेयर बाजार की नजर रखने वाली फर्मों का कहना है कि नजारा टेक अब तक पोकरबाजी पर बड़ा दांव लगा रही थी. यही वजह है कि कंपनी के शेयर की कीमत में इस ऐप का अहम योगदान था. प्रभुदास लीलाधर ने कहा है कि अगर इस गेमिंग बिजनेस पर पाबंदी लगती है, तो नजारा को अपनी हिस्सेदारी को राइट-ऑफ यानी जीरो मानना पड़ सकता है. उन्होंने पहले इस शेयर का लक्ष्य ₹1,345 बताया था, जिसमें से करीब 35% वैल्यू पोकरबाजी से जुड़ी थी. अगर यह हिस्सा हटता है तो शेयर ₹917 तक गिर सकता है. चोला सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट धर्मेश कांत ने भी कहा कि कंपनी की वैल्यू में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है.

बड़े निवेशकों को भी तगड़ा झटका

नजारा टेक में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि देश के दो बड़े निवेशक भी पैसा लगाए हुए हैं. निखिल कामत, जो ज़ेरोधा के को-फाउंडर हैं, उनके पास नजारा टेक के 15 लाख से ज्यादा शेयर हैं. बुधवार को उनके इन शेयरों की कीमत में करीब 26 करोड़ रुपये की गिरावट आ गई. वहीं जाने-माने निवेशक मधुसूदन केला के पास भी कंपनी के 11 लाख के करीब शेयर हैं. उनकी होल्डिंग की कीमत में 19 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है. इन बड़े नामों को हुए नुकसान से साफ है कि इस गिरावट का असर बहुत गहरा है.

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सरकार के नए कानून के बाद रियल मनी गेमिंग इंडस्ट्री पर संकट खड़ा हो गया है. नजारा टेक भले ही सीधे इस धंधे में शामिल न हो, लेकिन उसकी बड़ी हिस्सेदारी ऐसी कंपनी में है जो इस कानून की जद में आ सकती है. इसलिए शेयर बाजार के जानकारों की सलाह है कि अभी इस स्टॉक में सावधानी से कदम रखना चाहिए. जब तक साफ तस्वीर सामने न आ जाए, तब तक इस शेयर से दूर रहना समझदारी हो सकती है.

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