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ऑटोमेटिक टारगेट क्लासिफाइंग सिस्टम पर भारतीय सेना का कब्जा, मिला 20 साल का पेटेंट

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भारतीय सेना ने ‘ऑटोमेटिक टारगेट क्लासिफाइंग सिस्टम बेस्ड ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ को पेटेंट कराया है. यह एक ऐसा सिस्टम है, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रडार पर लक्ष्यों की पहचान करेगा. इस सिस्टम को कर्नल कुलदीप यादव ने विकसित किया है. ऑटोमेटिक टारगेट क्लासिफाइंग सिस्टम इनोवेशन के क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है. साथी ही सेना की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है. इस आविष्कार के लिए सेना ने 3 फरवरी 2021 को आवेदन दिया था. तब से अगले 20 साल तक के लिए पेटेंट मिला है.

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