Logo
ब्रेकिंग
Jharkhand News: 'देर है अंधेर नहीं'; रंजय सिंह मर्डर केस के फैसले पर बोलीं पूर्णिमा नीरज सिंह, दोनों... Sardar Patel Jayanti: राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होगी 'झारखंड जगुआर'; देश देखेगा STF का अनुश... Rozgar Mela Ranchi: 20वें रोजगार मेले में बोले पीएम मोदी— '2047 के विकसित भारत का आधार हैं हमारे युव... MP Scooty Yojana 2026: सीएम मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों के 7500 टॉपर्स को बांटी ई-स्कूटी; 1.20 लाख त... Ujjain Politics: उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल को बीजेपी रथ से उतारा; बाबा साहेब प्रतिमा के पास बैठ जताय... Sanctioning Russia and Iran Act: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए कानून से भारत पर मंडराया भार... Houthi Attacks on Saudi Arabia: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा, क्षे... North Korea Nuclear Tests Impact: उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों से दहल रहा माउंट मंटाप, लगातार बढ... National News: रोजगार मेले में बोले पीएम नरेंद्र मोदी— 'नागरिक देवो भव:' के भाव से काम करें नवचयनित ... Delhi Police Action: केशवपुरम और स्वरूप नगर में सनसनीखेज वारदातें, दुष्कर्म और हत्या के मामलों में आ...
Header Ad

राहुल के सांसद प्रतिनिधि पर वायरल हो रहा ये लेटर, जानें क्या है सच्चाई

सुशील पासी को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रतिनिधि बनाए जाने की खबर फर्जी निकली. इससे पहले सोशल मीडिया मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी सुशील पासी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. पासी को रायबरेली में अपना सांसद प्रतिनिधि बनाया है. मगर बाद में राहुल के दफ्तर की तरफ से बताया गया कि ये फर्जी खबर है. ये फर्जी लेटर है. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है.

जब इस वायरल लेटर की सच्चाई जानने के लिए टीवी9 के एसोसिएट एडिटर कुबूल अहमद ने सुशील पासी से बात की तो उन्होंने बताया, ‘मुझे अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिली. हां लोग मुझे फोन पर बधाई जरूर देने लगे हैं लेकिन हमें इसकी आधिकारिक सूचना नहीं है. सोशल मीडिया पर एक लेटर जरूर वायरल हो रहा है पर मुझे इसके बारे में पता नहीं है.’

ये है फर्जी लेटर

Sushil Pasi

सुशील कुमार पासी है इस समय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्यरत हैं और बिहार के प्रभारी भी हैं. पिछले साल उन्हें बिहार प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया था. हाल के समय में उन्हें रायबरेली में काफी सक्रिय देखा गया है. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उनका सियासी करियर सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर केंद्रित रहा है.

लेटर हो रहा है वायरल

पिछले विधानसभा चुनाव (2022) में उन्होंने रायबरेली की बछरावां विधानसभा सीट से ताल ठोकी थी लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. वह तीसरे स्थान पर रहे थे. इससे पहले भी उन्होंने यहां से चार बार निर्दलीय चुनाव लड़ा पर जीत एक बार भी नसीब नहीं हुई. बछरावां की जनता ने सुशील को हमेशा विधायक बनाने से इंकार कर दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.