Logo
ब्रेकिंग
NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: NTA को बनाएं स्थायी व मजबूत संस्थान, AI और ब्लॉकचेन तकन... कांग्रेस मुख्यालय में CWC की अहम बैठक: खरगे बोले—12 वर्षों में युवाओं का भविष्य तबाह, PM मोदी दें जव... जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग: सूरत से आ रहे यात्री की बिगड़ी तबीयत, अस... राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने घोषित किया कार्यक्रम, आचार स... अंकिता भंडारी हत्याकांड: कोर्ट ने फिर खारिज की आरोपियों की जमानत, धामी सरकार की मजबूत पैरवी से दोषिय... पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से काशी में उफान पर गंगा, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर मुंबई की सड़कों पर मराठी भाषा को लेकर सरकार का सख्त रुख, तैयार हुआ एक्शन प्लान महाराष्ट्र में 28 अगस्त से लागू होगा धर्म स्वतंत्रता कानून 2026: जबरन धर्मांतरण पर 7 साल जेल, बच्चे ... अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री का फूटा गुस्सा, बताया सबसे बड़ा कलंक श्रीनगर में सीएम उमर अब्दुल्ला से मिले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर: पर्यटन और बागवानी में साझेदारी बढ...
Header Ad

जमीन नापने के लिए पहुंचे थे अधिकारी, लोगों ने श्मशान में लगा दी आग… ये थी वजह

बिहार के सीतामढ़ी से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है. जिले में ग्रामीणों ने जमीन की मापी को रोकने के लिए श्मशान की जमीन में ही आग लगा दी. ऐसे में हालात खराब होते देख पुलिस बल को तैनात करना पड़ा. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के डुमरा प्रखंड के मुरादपुर पंचायत के चकमझौलिया गांव में पंचायत सरकार भवन का निर्माण होना है.

भवन के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर भूमि की वस्तुस्थिति का जायजा लेने के लिए डुमरा अंचल की अंचलाधिकारी, डॉली झा सरकारी अमीन अन्य अधिकारियों के साथ पहुंची. हालांकि स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे थे. ऐस में अंचलाधिकारी जब मौके पर पहुंची, तो उनको स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. स्थिति खराब होते देख मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को बुलाना पड़ा.

श्मशान में लगा दी आग

पुलिस ने बताया कि जब अंचलाधिकारी मौके पर पहुंची, तब स्थानीय ग्रामीणों ने जमीन पर आग लगा दी. ऐसे में देखते ही देखते श्मशान भूमि पर आग की लपेटे उठनी लगी, जिसके बाद अंचलाधिकारी व अन्य लोग बेबस हो गए और जमीन की मापी नहीं हो सकी. स्थानीय लोगों का कहना था कि यह जमीन श्मशान घाट की है, जहां सभी शवों का अंतिम संस्कार करते हैं.

क्यों मापी जा रही जमीन ?

अंचलाधिकारी डॉली झा ने बताया कि पंचायत सरकार भवन के लिए जमीन ली जा रही है. कुल 76 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 30 डिसमिल जमीन को पंचायत सरकार भवन के लिए चिन्हित किया गया है. खतियान में शमशान नहीं है. इन लोगों ने खुद से ही शमशान बना लिया था. उन्होंने बताया कि 46 डिसमिल तक श्मशान है, उसको नहीं छुआ जा रहा है. ऐसे में बाकी जमीन पर पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए काम शुरू हुआ था. कुछ ग्रामीणों ने यहां लाल झंडा लगाया है और आग लगाई है. साथ ही यह काम किसने किया है, इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है. उन पर अज्ञात रूप से एफआईआर दर्ज किया जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.