
पटना में RJD कार्यकर्ताओं का नकली AK-47 के साथ प्रदर्शन: मीसा भारती और मनोज झा ने नीतीश सरकार को घेरा
पटना (बिहार): राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और सीवान में छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित रूप से एके-47 राइफल से गोली चलाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को पटना में विशाल राजभवन मार्च निकाला।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जब हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता राजभवन की ओर आगे बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार की लाठी और दमनकारी नीतियों से वे डरने वाले नहीं हैं और छात्रों के अधिकारों, पेपर लीक को रोकने तथा युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए उनकी आवाज लगातार बुलंद रहेगी।
🪵 लकड़ी की नकली AK-47 लेकर पहुंचे कार्यकर्ता, जेपी गोलंबर से राजभवन तक जोरदार नारेबाजी
छात्रों पर हुए बल प्रयोग के सांकेतिक विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखा तरीका अपनाया:
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सांकेतिक प्रदर्शन: जेपी गोलंबर से मार्च शुरू करते समय बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हाथों में लकड़ी से बनी नकली एके-47 राइफलें लेकर पहुंचे, जो सीवान में हुए पुलिस एक्शन के प्रति तीखा विरोध दर्शा रही थीं।
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सख्त नारेबाजी: कार्यकर्ताओं ने ‘छात्रों पर गोली चलाना बंद करो’ और ‘पेपर लीक के दोषियों को सजा दो’ जैसे नारों के साथ बिहार सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
🎤 ‘हत्यारी सरकार युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही’ — मीसा भारती, मनोज झा और भाई वीरेंद्र का हमला
राजभवन मार्च में शामिल पार्टी के सांसदों और विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए:
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सांसद मीसा भारती: “घटना को 20-25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद में है। जब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में माना कि प्रदर्शन में AK-47 का इस्तेमाल हुआ, तो जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार डीएम और एसपी को तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए था।”
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सांसद मनोज कुमार झा: “पूरे देश और खासकर बिहार के युवाओं में भारी आक्रोश है। यहां पेपर लीक एक परंपरा बन चुका है। युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं और यह मार्च समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए है।”
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विधायक भाई वीरेंद्र: “छात्रों के लोकतांत्रिक विरोध पर गोलियां बरसाई गईं। जब तक पेपर लीक माफियाओं और फायरिंग के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।”
🛑 मार्च से पहले ही छात्रों और कार्यकर्ताओं को रोकने का लगाया आरोप
आरजेडी नेतृत्व ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने लोकतांत्रिक मार्च को दबाने के लिए पहले से ही रणनीति बनाई थी:
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छात्र नेताओं की धरपकड़: तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मार्च से एक दिन पहले ही पटना में कई छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।
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ट्रेनों पर रोकटोक: उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के विभिन्न जिलों से पटना पहुंच रहे युवाओं और समर्थकों को ट्रेनों से उतरने और आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया।
🎯 सिपाही के निलंबन को बताया नाकाफी, उच्चाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
तेजस्वी यादव ने 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान सीवान में घटी घटना की निष्पक्ष जांच दोहराई:
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आदेश की जांच: उन्होंने कहा कि केवल एक सिपाही को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। यह जांच जरूरी है कि एक छात्र प्रदर्शन में एके-47 जैसी घातक राइफल ले जाने और गोली चलाने का आदेश किस स्तर से दिया गया था।
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वरिष्ठों पर गाज गिरे: घटना में संलिप्त शीर्ष पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई होनी चाहिए।
💬 ‘राजनीतिक करियर बचाने के लिए मार्च निकाल रहे तेजस्वी’ — भाजपा का पलटवार
विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है:
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजभवन मार्च सिर्फ तेजस्वी यादव के राजनीतिक वजूद को बचाने की कवायद है।
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नेतृत्व पर सवाल: भाजपा ने दावा किया कि राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं का अपने ही नेतृत्व से भरोसा उठ चुका है, जिसे साधने के लिए छात्रों के नाम पर सियासत की जा रही है।

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