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गाय को करंट लगा, बचाने गए किसान की भी हुई मौत, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मनासा थाना क्षेत्र के बामणी लुमड़ी गांव में मंगलवार देर शाम बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें करंट लगने से एक गाय और उसे बचाने गए 45 वर्षीय व्यक्ति जीवराज पिता बलदेव गुर्जर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब जीवराज अपनी गाय चरा रहे थे और एक टूटा हुआ बिजली का तार गाय से छू गया।

लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली का यह तार आंधी-तूफान के कारण तीन-चार दिन से टूटा पड़ा था और इसमें बिजली चालू थी। बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके परिणाम स्वरूप यह जानलेवा हादसा हुआ।

ग्रामीणों का आक्रोश और टीआई की सूझबूझ

घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन मौके पर जमा हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस की मदद से शव को मनासा के मंडी गेट, नीमच नाके पर ले जाकर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलते ही मनासा थाना प्रभारी शिव रघुवंशी तत्काल मौके पर पहुंचे। अपनी सूझबूझ और ग्रामीणों के साथ पूर्व में रहे मजबूत संबंधों का लाभ उठाते हुए, टीआई रघुवंशी ने धैर्यपूर्वक ग्रामीणों और परिजनों को समझाया। उन्होंने आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद ग्रामीणों ने उनकी बात मानी और कुछ ही देर में चक्का जाम खुल गया।

पुलिस जांच जारी

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भिजवाया और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार सुबह मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
टीआई रघुवंशी की सराहनीय भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में मनासा टीआई शिव रघुवंशी की भूमिका बेहद सराहनीय रही। उनकी त्वरित कार्रवाई, ग्रामीणों को समझाने की क्षमता और पूर्व में नायगांव चौकी प्रभारी के रूप में ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित मजबूत पकड़ ने बड़े विवाद को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सूझबूझ से न केवल चक्का जाम हटा, बल्कि ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ा।

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