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स्टैनो जतिंदर रिश्वत मामला, शक की सूई बड़े अधिकारी पर

लुधियाना: रायकोट एस.डी.एम. दफ्तर की अदालत में दो पक्षों के मध्य चल रहे जमीनी विवाद से संबंधित केस का फैसला एक पार्टी के पक्ष में करने की एवज में वसूली गई 24 लाख की नकदी के साथ गिरफ्तार स्टैनो से कई दिनों तक चली पूछताछ के बाद विजिलेंस के हाथ उच्च अधिकारी के खिलाफ कई अहम सबूत लगने की चर्चा के बाद मामला और गर्माता नजर आ रहा है।

 बता दें कि आम आदमी पार्टी के विधायक हाकम सिंह ठेकेदार की शिकायत पर रायकोट के एस.डी.एम. गुरबीर सिंह कोहली के कार्यालय में पहुंची विजिलेंस द्वारा की छापामारी दौरान स्टैनो जतिंदर को 24 लाख रुपए की भारी भरकम रकम के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पिछले दस दिनों से विजिलेंस लगातार कई लोगों को जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेज रही है। सूत्रों की माने तो जांच दौरान विजिलेंस के हाथ ऐसे कई केसों से संबंधित दस्तावेज लगे हैं जिनमें हो चुके फैसले या तो शक के घेरे में हैं या कुछ को तो बिना तारीख डाले फैसले पर रखा गया था।

विजिलेंस की तरफ से मौके पर लाखों रुपए की नकदी के साथ गिरफ्तार किए गए स्टैनो जतिंदर ने पहले तो बरामद हुई रकम के बारे में जांच अधिकारियों को काफी देर तक इधर-उधर की बातों में घुमाना जारी रखा था और आरोपी इतनी बड़ी रकम को लेकर गुमराह पूर्ण बयान देता रहा लेकिन झूठ के पांव न होने की वजह से बार -बार वो खुद ही अपने बयानों में फंसता चला गया। सूत्रों की माने तो हालांकि बाद में उसने इस बात का खुलासा अपने बयानों में कर दिया की उक्त रकम किस जमीनी विवाद में फैसला एक पक्ष के हक में देने के नाम पर किस अधिकारी के लिए मंगवाई गई थी।

सूत्रों की माने तो विजिलेंस बरामद हुई रिश्वत की रकम देने वाली पार्टी तक न सिर्फ पहुंच चुकी है बल्कि उसके बयान भी ले चुकी है। इतना ही नहीं कोर्ट में पिछले कुछ समय दौरान हुए कुछ और फैसले भी कथित रूप में विवादों के घेरे में आ चुके हैं और रिश्वत की रकम किसके लिए आई थी उस अधिकारी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा चुकी विजिलेंस जल्द ही उसे भी मामले में नामजद कर सकती है। उधर सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से खुद को बचाने के लिए जोड़तोड़ में जुटा उक्त अधिकारी भी अब भूमिगत हो गया है।

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