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विज्ञान अनुसंधान यात्रा पर बलौदाबाजार के एक गांव की बेटी, कोलकाता में वैज्ञानिक प्रयोगों को करीब से देखा

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बलौदाबाजार: जिले के एक छोटे से गांव लाहौद की एक बेटी ने न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया. छात्रा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की पढ़ने वाली है जिसका नाम गूंजा पैकरा है. गूंजा का चयन राज्य स्तरीय विज्ञान अनुसंधान यात्रा क्विज़ के बाद कोलकाता में आयोजित विज्ञान अनुसंधान यात्रा के लिए भी हुआ है.

सपना जो हकीकत बना: गांव के बच्चों के लिए वैज्ञानिकों से मिलना, बड़े विज्ञान केंद्रों का भ्रमण करना या प्रयोगशालाओं को देखना एक सपना ही होता है. लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT रायपुर) ने इस सपने को हकीकत में बदलने का अनोखा प्रयास किया.

कैसे मिला मौका: दरअसल, SCERT की ओर से आयोजित अनुसंधान यात्रा क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य यही था कि ग्रामीण और शहरी पृष्ठभूमि के छात्रों को बराबर अवसर मिले. उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हो. इसी क्विज़ में भाग लेकर बलौदाबाजार की छात्रा गूंजा पैकरा ने अपनी प्रतिभा साबित की और कोलकाता की अनुसंधान यात्रा में जाने का सुनहरा अवसर हासिल किया.

स्कूल का माहौल: लाहौद का स्वामी आत्मानंद स्कूल बलौदाबाजार जिले में शिक्षा का एक नया अध्याय लिख रहा है. विद्यालय के प्राचार्य कौशिक मुनि त्रिपाठी बताते हैं: गूंजा बेहद प्रतिभाशाली छात्रा है. उसमें सवाल पूछने और गहराई से समझने की आदत है. यहां बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि प्रयोगधर्मिता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जाता है.

हमारा प्रयास हमेशा से यह रहा है कि गांव के बच्चे भी बड़े शहरों के बच्चों जैसी शिक्षा और अवसर पा सकें. यही कारण है कि विद्यालय में रोबोटिक्स, एयरोमॉडलिंग, प्रयोगशाला कार्यशालाएं और साइंस फेयर जैसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते हैं– कौशिक मुनि त्रिपाठी, प्राचार्य

जानिए गूंजा पैकरा के बारे में: गूंजा पैकरा, लाहौद गांव की साधारण किसान परिवार से आने वाली छात्रा है. लेकिन उसकी सोच साधारण नहीं है. वह विज्ञान की दुनिया में नई खोजों और शोध की बातें करती है. उसके लिए पढ़ाई केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं बल्कि नई संभावनाओं को जानने का जुनून है.

इस यात्रा ने मेरी जिंदगी बदल दी. हमने कोलकाता में एम.पी. बिरला प्लेनेटोरियम, विज्ञान केंद्र, अनुसंधान केंद्र और बिरला म्यूजियम देखा. वहां जाकर समझ आया कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर जगह हमारे जीवन में मौजूद है. मैंने तय किया है कि मैं आगे चलकर वैज्ञानिक बनूंगी.– गूंजा पैकरा, छात्रा

कोलकाता में कई महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण

  • एम.पी. बिरला प्लेनेटोरियम: यहां छात्रों ने ब्रह्मांड, ग्रह-नक्षत्र और अंतरिक्ष से जुड़े अद्भुत रहस्यों को जाना. गूंजा बताती हैं कि अंतरिक्ष शो देखकर उनके मन में खगोल विज्ञान के प्रति गहरी रुचि जगी.
  • विज्ञान केंद्र (Science City Kolkata): यहां छात्रों को विज्ञान के कई प्रयोग देखने और खुद करने का मौका मिला. ऑटोमैटिक मशीनें, 3D साइंस शो, और रोबोटिक डिस्प्ले मौजूद थे.
  • अनुसंधान केंद्र (Research Institutes): यहां वैज्ञानिकों से आमने-सामने बातचीत हुई. छात्रों ने जाना कि वैज्ञानिक बनने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जिज्ञासा, धैर्य और लगातार मेहनत की भी जरूरत होती है.
  • बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम: यह जगह बच्चों के लिए सबसे आकर्षक रही. यहां उन्होंने पुराने वैज्ञानिक उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी खोजों का इतिहास देखा.

गूंजा की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि गांवों से भी बड़े वैज्ञानिक और शोधकर्ता निकल सकते हैं. स्कूल के प्रिंसिपल भी कहते हैं कि, हम बच्चों में ‘Why’ और ‘How’ पूछने की आदत डालते हैं. जब बच्चा सवाल पूछना शुरू करता है, तभी असली शिक्षा शुरू होती है.

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