Logo
ब्रेकिंग
छिंदवाड़ा में भारी बारिश के मौसम में भी गहराया पेयजल संकट: 147 में से 96 तालाब सूखे, महीने में 15 दि... खजुराहो के मतंगेश्वर महादेव: हर साल बढ़ता है रहस्यमयी जीवित शिवलिंग, सावन के अंतिम सोमवार उमड़ा जनसै... रतलाम कृषि मंडी में अचानक छुट्टी पर भड़के किसान: 600 प्याज की ट्रालियां खड़ी कर महू-नीमच रोड किया जा... 'ट्रस्ट में आंदोलन से जुड़े लोग नहीं': राम मंदिर विवाद और 'जैन-जी' आंदोलन पर बोले भोजपाली बाबा रविंद... सिंगरौली सरकारी अस्पताल की खुली पोल: डॉक्टर की कुर्सी पर सफाईकर्मी, सीएमएचओ ने दिए जांच के आदेश मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: सीएम के लेटरहेड से ट्रांसफर और हाईकोर्ट में फर्जी वकालतना... कार्तिक त्यागी की 153.6 Kmph की आग उगलती गेंद: UP T20 लीग में प्रिंस यादव का उखाड़ा विकेट, रिंकू सिं... 'कर्नाटक ही नहीं, पूरे सिनेमा जगत के किंग हैं यश': टॉक्सिक के प्रमोशनल इवेंट में दिखा जबरा क्रेज गिनी की राजधानी कोनाक्री में लैंडफिल का विशाल ढेर ढहने से 30 की मौत: मलबे में दबीं झुग्गियां, 6 घायल चीनी शेयरों में 11% तक का जबरदस्त उछाल: बलरामपुर चीनी, धामपुर और उत्तम शुगर में तेजी, जानें तेजी के ...
Header Ad

मुनीर-शहबाज से हूं त्रस्त, भारत ही कर दे हमला… इस अमेरिकी रिपोर्ट से पाकिस्तान में हड़कंप

पाकिस्तान में इस वक्त जंग की तैयारियों का शोर है. भारत के साथ सीमा पर तनाव बढ़ रहा है, सैन्य काफिले सीमावर्ती इलाकों की ओर बढ़ रहे हैं, लड़ाकू विमान आसमान में गरज रहे हैं और सरकारी टीवी चैनलों पर युद्ध के अंदेशों की चर्चा जोरों पर है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर लगातार सख्त संदेश दे रहे हैं. लेकिन इन तमाम घोषणाओं के बीच पाकिस्तान की आम अवाम एक ही सवाल कर रही है. ‘हमें गोली नहीं, रोटी चाहिए!’

आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान में आम लोग युद्ध की बातों से न सिर्फ घबराए हुए हैं, बल्कि खफा भी हैं. न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद की 21 साल छात्रा तहसीन जहरा कहती हैं, हम पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और अराजक राजनीति से परेशान हैं. अब ऊपर से युद्ध की धमकी! ये सब डराने वाला है. हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए.’ जहरा की तरह हजारों युवा अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं, इस दौरान उनका सबका कहना है कि ये सरकार और जनरल मिलकर आवाम के साथ धोखा कर रहे हैं. हम लोग त्रस्त हो चुके हैं इस सरकार से.

जनरल से ज्यादा महंगाई का डर

सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और सरकार के तीखे बयान भी आम जनता में विश्वास नहीं जगा पा रहे. इस्लामाबाद के छात्र इनामुल्लाह कहते हैं, देश अब उतना मज़बूत नहीं रहा जितना पहले था. आर्थिक हालात और राजनीतिक अस्थिरता ने हमें कमजोर बना दिया है. इसी दर्द को राहत में बदलने के लिए सोशल मीडिया पर जंग नहीं, रोजगार दो जैसे मीम्स और टिप्पणियां वायरल हो रही हैं. कुछ इन्हें हास्य मानते हैं, तो कुछ इन्हें खुद को संभालने का तरीका बताते हैं.

लोगों ने सेना पर निकाला गुस्सा

पाकिस्तान की सेना जो पहले संकट के वक्त एकजुटता का प्रतीक मानी जाती थी, अब खुद आलोचना के घेरे में है. इमरान खान को सत्ता से हटाने और उनके समर्थकों पर हुए दमन के बाद सेना के प्रति लोगों की धारणा बदली है. इमरान की पार्टी की पूर्व सांसद आलिया हमज़ा का कहना है, जब जनता का साथ ही नहीं रहेगा तो जंग में कौन लड़ेगा? सेना को लोगों का भरोसा फिर से जीतना होगा. कई युवा अब सेना की राजनीति में दखलअंदाजी और मानवाधिकार हनन से नाखुश हैं.

टूरिज्म तबाह, बंकरों में सिमटते सपने

पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के नीलम वैली और केरन जैसे इलाकों में सन्नाटा पसरा है. पर्यटक अब नहीं आ रहे. केरन में टूरिज़्म चलाने वाले राजा अमजद कहते हैं, किसी आधिकारिक रोक की ज़रूरत ही नहीं, लोग खुद ही डर से नहीं आ रहे. वहीं, अथ्माकम की 40 वर्षीय सादिया बीबी अपने बच्चों के लिए घर के पीछे बंकर तैयार कर रही हैं. अभी गोलाबारी नहीं हुई, लेकिन कब होगी कोई नहीं जानता, वे कहती हैं.

छोड़ देना चाहते हैं देश…

पाकिस्तान में अब बड़ी संख्या में युवा देश छोड़ने का सपना देख रहे हैं. इस्लामाबाद की 31 साल की जारा खान कहती हैं, यहां जिंदगी बहुत मुश्किल है. नौकरी नहीं है, संसाधन नहीं हैं, और परिवार पालने की सोच भी नहीं सकते. उनका कहना है कि देश में रहना अब एक बोझ बन गया है. ऐसे हालात में युद्ध की बात करना नासमझी लगता है.

सियासी जंग में उलझा मुल्क

पाकिस्तान के सियासी और सैन्य नेतृत्व के बीच खींचतान, विपक्ष के नेताओं पर दमन और अर्थव्यवस्था की गिरती हालत ने देश को एक गहरे संकट में डाल दिया है. युद्ध की धमकियों से देश की जनता और भी डरी और टूटी हुई है. ऐसे में अवाम की आवाज साफ है ‘हमें न युद्ध चाहिए, न नारेबाजी… हमें चाहिए रोटी, राहत और सुकून.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.