Logo
ब्रेकिंग
महिला किसानों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द शुरू होगी 'महिला किसान खुशहाली योजना' Bank Strike News: झारखंड में 30 हजार बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप, 11 से 30 सितंबर तक 4 दिन ... साहिबगंज में गंगा ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड: 28.72 मीटर पहुंचा जलस्तर, तटीय इलाकों में दहशत Sahibganj News: साहिबगंज में अनोखी शादी; पति ने 8 साल पुराना रिश्ता तोड़ खुद कराई पत्नी की उसके प्रे... Dhanbad Crime News: धनबाद के बलियापुर जंगल में मिला महिला का सिर कटा शव, पूजा सामग्री मिलने से नरबलि... Mumbai Crime News: मुंबई में 'स्पेशल 26' की तर्ज पर फर्जी IT रेड, कारोबारी से 1 करोड़ मांगने वाले 10... Badrinath Dham Accident: तप्त कुंड में 108 डुबकी लगाते समय बेहोश हुईं दो महिला श्रद्धालु, अस्पताल मे... Bijnor Road Accident: बिजनौर में बेकाबू कार ने खाना खा रहे लोगों को रौंदा, पंजाब के 3 व्यापारियों की... महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक एक्शन: मंत्री कार्यालयों से 550 कर्मचारियों की मूल विभागों में वा... Indian Railways Alert: दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का फेरबद...
Header Ad

पंजाब सरकार का बड़ा कदम! SC भाईचारे के लिए लिया ऐतिहासिक फैसला

चंडीगढ़/जालंधर: सामाजिक न्याय और समावेशन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब विधानसभा ने आज पंजाब लॉ ऑफिसर्स (एंगेजमैंट) संशोधन अधिनियम 2025 को सर्वसम्मति से पास कर दिया। यह ऐतिहासिक संशोधन पंजाब सरकार को एडवोकेट जनरल पंजाब के कार्यालय में कानून अधिकारियों के रूप में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम वार्षिक पेशेवर आय के मानदंडों में ढील देने की अनुमति देगा।

पंजाब के पानी की रक्षा पर केंद्रित विशेष सत्र के दौरान बिल पेश करते हुए मान सरकार के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह संशोधन एडवोकेट जनरल पंजाब के कार्यालय में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम आदमी पार्टी ने गरीब और पिछड़े परिवारों से संबंधित वकीलों को नियुक्त करने का वादा किया था और यह संशोधन उसी प्रतिबद्धता के तहत है।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने एडवोकेट जनरल कार्यालय में 58 रिक्तियों को अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित किया था।  हालांकि, वर्ष 2017 के कानून के तहत निर्धारित आय सीमा अधिक होने के कारण लगभग सभी सीटें खाली रह जाती थीं। इस संशोधन का उद्देश्य आय सीमा को घटाना है, जिस से अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए एडवोकेट जनरल कार्यालय का हिस्सा बनने की प्रक्रिया सुगम हो जाए।

मंत्री ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी के स्टैंड को संबोधित करते हुए कहा कि अनुसूचित जातियों के 2 कैबिनेट मंत्रियों के होने के बावजूद वे इन समुदाय के अधिकारों की रक्षा में असफल रहे। उन्होंने वर्ष 2017 के एक्ट में आरक्षण की वकालत करने के अपने प्रयासों को भी याद दिलाया, जिन्हें दुर्भाग्यवश पिछली कांग्रेस सरकार ने स्वीकार नहीं किया। मंत्री मोहिंदर भगत और विधायक डा. सुखविंदर कुमार सुक्खी, बुद्ध राम सिंह, नछत्तर पाल, रजनीश कुमार दहिया और विक्रमजीत सिंह चौधरी ने इस संशोधन को लाने के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.