Logo
ब्रेकिंग
जालंधर की डॉक्टर के सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप: LPU छात्रों को लेकर किए सनसनीखेज दावे Punjab Power Crisis: पंजाब में बिजली संकट गहराया, मांग 16,600 मेगावाट पार; जालंधर में सड़कों पर उतरे... Yamunanagar News: टोडरपुर गांव में बंदर को जिंदा निगल गया 15 फीट लंबा अजगर, वन्य जीव विभाग ने किया स... Homemade Soap for Sensitive Skin: घर पर बनाएं नेचुरल नीम-एलोवेरा साबुन, ड्राई स्किन और फंगल इंफेक्शन... Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर... Ranchi Cyber Crime: बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी ऐप से 70 वर्षीय बुजुर्ग से 4.90 लाख की ठगी, 6 आरोपियों प... Khunti Human Trafficking: खूंटी पुलिस ने नाकाम की मानव तस्करी की साजिश, 20 हजार की नौकरी का झांसा दे... Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 सितंबर तक झमाझम बारिश; यमुनानगर में आं... Haryana Sports News: बहादुरगढ़ में 1600 तैराकों का महाकुंभ, मुख्य अतिथि अविनाश चोपड़ा ने की अनिल खत्... How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका...
Header Ad

पंजाब के डिपो होल्डरों को बड़ी राहत! जानें क्या है पूरा मामला

लुधियाना: खाद्य एवं आपूर्ति विभाग वेस्ट सर्कल के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा द्वारा नैशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एन.एफ.एस.ए) डिपो होल्डर वेल्फेयर एसोसिएशन के पंजाब प्रधान मिट्ठू घेंट एवं अन्य पदाधिकारियों के साथ आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान ब्लॉक नंबर 21 और 29 के डिपो होल्डरों के लाइसैंस रिन्यू करने सहित पिछले फेज दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” से जुड़े लाभ पात्र परिवारों को बांटी गई गेहूं की मार्जिन मनी जारी कर 100 के करीब डिपो होल्डरों को बड़ी राहत दी है।

 इस मौके पर एसोसिएशन के प्रधान मिट्ठू घेंट, राजकुमार शर्मा, हरदीप सिंह दीपी,सुखबीर सिंह, निर्भय सिंह और दविंदर सिंह बब्बी आदि ने कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा के साथ बातचीत करते हुए डिपो होल्डरो को रोजमर्रा की होने वाली परेशानियां संबंधी अवगत करवाते हुए समस्याओं का तुरंत प्रभाव से समाधान करने संबंधी मुद्दा प्रमुखता के साथ उठाया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राशन डिपुओं पर इलेक्ट्रॉनिक तोल कांटे उपलब्ध करवाना सच में सराहनीय प्रयास है लेकिन यहां डिपो होल्डरों को दिक्कत यह हो रही है कि ई पोश मशीनों पर प्रत्येक राशन कार्ड धारकों के फिंगर प्रिंट लेने के बाद गेहूं को तोल कर देने में संबंधित राशन डिपुओ पर सारे दिन में ज्यादा से ज्यादा 50 राशन कार्ड धारकों को ही गेहूं का लाभ मिल पाता है क्योंकि इस सारी प्रक्रिया के दौरान भरी समय लग जाता है जिसके कारण अधिकतर परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

एसोसिएशन द्वारा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से पॉलिसी को सरल बनाने की मांग की गई है ताकि डिपो होल्डरों द्वारा प्रत्येक राशन कार्ड धारक को बिना किसी परेशानी के और समय की बचत के साथ गेहूं का लाभ दिया जा सके। डिपो होल्डर द्वारा मांग की गई है कि अगर सरकार द्वारा 50 किलो की जगह 30 किलोग्राम गेहूं की पैकिंग वाली बोरी राशन डिपो पर उतारी जाती है तो इससे जहां डिपो होल्डरों और लाभ पात्र परिवारों के समय की बचत होगी वही खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का काम भी और आसान होगा।

डिपो होल्डर एसोसिएशन के समूह पदाधिकारियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की है कि पंजाब सरकार द्वारा भी दिल्ली की तर्ज पर डिपो होल्डरों को गेहूं वितरण प्रणाली पर दी जा रही कमीशन राशि में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा दिल्ली सरकार द्वारा वहां के होल्डरों को प्रति क्विंटल 2 रु. के हिसाब से कमीशन राशि दी जा रही है जबकि पंजाब में सरकार द्वारा डिपो होल्डरों के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार किया जा रहा है जबकि कोरोना काल जैसे भयानक समय के दौरान ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘अंत्योदय अन्न योजना’ से जुड़े गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक अनाज का लाभ पहुंचाने के दौरान पंजाब में कई डिपो होल्डर कोरोना महामारी का शिकार होकर मौत की आगोश में समा गए हैं। सरकार द्वारा ऐसे सभी पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने की जगह उनके परिवारों की बात तक नहीं पूछी गई है। एसोसिएशन द्वारा उक्त पीड़ित परिवारों के बच्चों को सरकारी नौकरी और मुआवजा राशि देने की मांग रखी गई है।

योजना को पारदर्शी बनने पर दिया जा रहा जोर : चीमा

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने कहा कि विभाग के समूह अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा टीम वर्क में काम करते हुए ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘अंत्योदय अन्न योजना’ के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बांटी जा रही फ्री गेहूं योजना को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि योजना से जुड़े प्रत्येक परिवार को जहां उनके अधिकार बिना किसी परेशानी के वही गेहूं वितरण प्रणाली के दौरान किसी तरह की हेरा-फेरी होने की संभावना न रहे चीमा ने कहा डिपो होल्डरों के साथ विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नाखून मास के समान गहरा और मजबूत रिश्ता है लेकिन यहां पर लाभ पात्र परिवारों के अधिकारों को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है क्योंकि गेहूं का दाना दाना उक्त परिवारों की अमानत है और अमानत में खयानत को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.