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पंजाब के कर्मचारियों को नौकरी जाने का खतरा! हैरान कर देगी पूरी खबर

नूरपुरबेदी : पंजाब के लोक निर्माण विभाग में फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पंजाब सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 मैडीकल बोर्ड गठित किए हैं, जो ऐसे सभी कर्मचारियों की दोबारा मैडीकल जांच करेंगे। इस आदेश से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पाने वालों में हड़कंप मच गया है।

विभाग में विकलांगता के आधार पर नौकरी पाने वाले सभी कर्मचारियों को दोबारा मैडीकल जांच के लिए बुलाया गया है। कुछ अधिकारियों ने 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता दिखाई थी, लेकिन अब जांच में उनकी विकलांगता का प्रतिशत काफी कम पाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, चंडीगढ़ में तैनात एक कार्यकारी इंजीनियर की सुनने की क्षमता पहले 70 प्रतिशत कमजोर बताई गई थी, जो अब 8 प्रतिशत पाई गई है। कई कर्मचारी दोबारा जांच के डर से छुट्टी पर चले गए हैं या कानूनी सलाह ले रहे हैं। मान सरकार के आने के बाद कई लोगों ने इन मामलों की शिकायत की थी। शिकायतकर्त्ताओं ने हाईकोर्ट के जरिए विभाग को नोटिस भी भिजवाए, जिसके बाद यह कार्रवाई शुरू हुई। सूत्रों के अनुसार, यह समस्या सिर्फ निर्माण विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी विभागों में भी ऐसे मामले हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि एक प्रमुख अकाली नेता का दामाद और एक एस.डी.ओ. भी इस मामले में संदिग्ध हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक दिव्यांगों के अधिकारों की रक्षा करना और सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाना है।

फर्जी प्रमाण पत्र वाले कई लोग नौकरी कर पैंशन का आनंद ले रहे हैं
लोक निर्माण विभाग के कई अधिकारी व कर्मचारी ऐसे हैं, जो इन दिनों फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर पैंशन का आनंद ले रहे हैं। शिकायतकर्त्ताओं को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी जांच करनी चाहिए। अन्यथा वे माननीय उच्च न्यायालय जाएंगे।

क्या कहना है राजिंदरा अस्पताल के मुखी का
इस संबंध में राजिंदरा मैडीकल कॉलेज और अस्पताल पटियाला के मुखी डॉ. सिवियां से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के आदेशानुसार मैडीकल जांच के लिए डॉक्टरों का एक पैनल बनाया गया है। उचित जांच के बाद पूरी रिपोर्ट पंजाब सरकार को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों की मैडीकल जांच हो चुकी है और बाकी की जांच की जा रही है।

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