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ठाणे के सरकारी आश्रम स्कूल में 21 नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़: कुक का सहायक गणपत गवली गिरफ्तार, जांच में जुटी पुलिस

ठाणे (महाराष्ट्र): जिले के शहापूर क्षेत्र स्थित एक सरकारी आदिवासी आवासीय आश्रमशाला से नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है।

आश्रमशाला में अध्ययनरत 21 नाबालिग छात्राओं ने कथित तौर पर अपने साथ लगातार अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ किए जाने की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शहापूर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आश्रमशाला में रसोइए के सहायक (कुक असिस्टेंट) के रूप में पदस्थ गणपत गवली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम, समयावधि और परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल में जुटी है।

⚖️ सहायक रसोइए पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप, पुलिस ने दर्ज किया केस

मामले के मुख्य तथ्य और पुलिस कार्रवाई:

  • आरोपी की पहचान: आश्रमशाला में भोजन व्यवस्था संभालने वाले रसोइए के सहायक गणपत गवली को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

  • छात्राओं के आरोप: पीड़ित छात्राओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी परिसर के भीतर उनके साथ अशोभनीय व अनुचित व्यवहार करता था।

  • बयानों की रिकॉर्डिंग: चूंकि शिकायतकर्ता 21 नाबालिग छात्राएं हैं, इसलिए पुलिस बाल सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानूनी नियमों के तहत सभी छात्राओं के औपचारिक बयान दर्ज कर साक्ष्य जुटा रही है।

  • जांच का दायरा: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी के अलावा इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या लापरवाही रही है।

🏫 आवासीय आश्रमशाला की सुरक्षा और प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक चूक:

  • परिसर में सुरक्षा का अभाव: सरकारी आदिवासी आश्रमशाला एक आवासीय संस्थान है जहां छात्राएं पढ़ाई के साथ परिसर में ही निवास करती हैं। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा, कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन और निगरानी की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रबंधन की होती है।

  • अभिभावकों में भारी आक्रोश: घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों और स्थानीय समुदाय में गहरा रोष फैल गया है। उनका कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां लंबे समय से चलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों तक इसकी सूचना पहले क्यों नहीं पहुंची।

  • कर्मचारियों के सत्यापन की मांग: घटना के बाद आश्रमशालाओं में कार्यरत संविदा और नियमित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली तथा निगरानी तंत्र की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।

👮 पुलिस जांच में जुटी: अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी होगी पड़ताल

कानूनी प्रक्रिया और अग्रिम कार्रवाई:

  • न्यायिक प्रक्रिया: शहापूर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • समयसीमा की जांच: जांच एजेंसियां यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही हैं कि यह घटनाक्रम कब से जारी था और क्या छात्राओं ने पहले भी किसी कर्मचारी या वार्डन से इसकी शिकायत की थी।

  • कड़े कदम का आश्वासन: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में फॉरेंसिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सख्त चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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