Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

SC के आदेश पर गठित हुई SIT… प्रमोद वर्मा, कल्याण चक्रवर्ती और वाहिनी सिंह करेंगे मंत्री विजय शाह केस की जांच, जानिए इनके बारे में

 भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सागर जोन के आईजी प्रमोद वर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी। इसमें विशेष सशस्त्र बल के डीआईजी कल्याण चक्रवर्ती और डिंडोरी की एसपी वाहिनी सिंह को भी शामिल किया गया है।

कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि एसआईटी में ऐसे आईपीएस अधिकारी हों, जो मध्य प्रदेश कैडर के तो हों, लेकिन मूल रूप से बाहर के हों। दल में शामिल अधिकारियों में दो राजस्थान और एक आंध्र प्रदेश के हैं।

अभी नहीं होगी गिरफ्तारी, लेकिन जांच में करना होगा सहयोग

  • सुप्रीम कोर्ट ने जांच में सहयोग करने की शर्त पर फिलहाल विजय शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, लेकिन उनकी टिप्पणियों पर बेहद आपत्ति जताई। सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि उनके बयान से पूरा देश शर्मसार है।
  • सजा से बचने के लिए उनके माफी मांगने के तरीके पर भी कोर्ट ने आपत्ति जताई और उसे खारिज कर दिया। ये आदेश जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने विजय शाह की मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार को दिए।
  • विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर मीडिया को ब्रीफ करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ विजय शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं।

एसआईटी पर यह था सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश के डीजीपी को आदेश दिया था कि वह मामले की जांच के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे तक एसआईटी गठित कर दें। एसआईटी तीन आईपीएस अधिकारियों की होगी और अधिकारी मध्य प्रदेश से संबंधित नहीं होंगे।

एसआईटी का मुखिया इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) रैंक का होगा और बाकी के दो अधिकारी एसपी रैंक के या उससे ऊंचे होंगे। इनमें एक अधिकारी महिला होगी। पीठ ने कहा कि वह इस मामले की निगरानी नहीं करना चाहती, लेकिन एसआईटी 28 मई को अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.