Logo
ब्रेकिंग
बैतूल: अतिरिक्त यात्री भीड़ को देखते हुए नागपुर-दानापुर स्पेशल ट्रेन 3 अगस्त को चलेगी, बैतूल में तड़... वन क्षेत्र में अवैध कटाई और वन्यजीव का आवास नष्ट करने वाले 3 आरोपी गए जेल, वन विभाग ने 98.63 हजार रु... कल से हड़ताल पर रहेंगे जिले के 475 पटवारी, राजस्व सेवाएं होंगी प्रभावित बैतूल: एक ही रात में पांच मंदिरों में चोरी से सनसनी, घरों के दरवाजे बाहर से लॉक कर वारदात; सीसीटीवी ... बेटी को देखकर लौट रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, साथी गंभीर; खेड़ी के पास अज्ञात ट्रक ने आल्टो को ... 15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश
Header Ad

Raman Arora की गिरफ्तारी का असर, कई विभागों में ‘मलाईदार’ सीटों पर तैनात कर्मचारी डर में

जालंधर : आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा की विजिलैंस द्वारा गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स (डी.सी. ऑफिस) से संबंधित विभिन्न विभागों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार विधायक की सिफारिश पर कई विभागों में महत्वपूर्ण व मलाईदार सीटों पर कर्मचारियों की तैनाती हुई थी, लेकिन अब जब विधायक खुद सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं, तो उन्हीं कर्मचारियों में चिंता और घबराहट का माहौल बन गया है।

बताया जा रहा है कि रमन अरोड़ा, जो नगर निगम, डीसी ऑफिस सहित अन्य विभागों से जुड़े मामलों में प्रभावशाली माने जाते थे, उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर डी.सी. ऑफिस के कई विभागों में ‘मनपसंद’ कर्मचारियों की पोस्टिंग करवाई थी। अब जब अरोड़ा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है तो इन विभागों में काम करने वाले कई कर्मचारियों की सांसें थमी हुई हैं।

सूत्रों के मुताबिक विजिलैंस विभाग अब सिर्फ विधायक तक ही नहीं रुकेगा, बल्कि उनसे जुड़े हुए कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा सकती है। ऐसे में जिन कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर अरोड़ा की सिफारिशों पर काम किए, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। कुल मिलाकर, विधायक रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी ने न केवल राजनीतिक गलियारों को हिला कर रख दिया है, बल्कि सरकारी विभागों के उन गलियारों में भी तनाव बढ़ा दिया है, जहां पहले राजनीतिक पहुंच के बल पर सब कुछ चलता था। अब सबकी नजरें विजिलेंस की अगली चाल पर टिकी हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.