Logo
ब्रेकिंग
टीईटी निरस्त कराने की मांग: बैतूल में महिला शिक्षिकाओं ने हेमंत खंडेलवाल को राखी बांधकर सौंपा ज्ञापन परिसीमन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र: सर्वदलीय बैठक की मांग दोहराई नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती क्षेत्र में प्रलयंकारी बाढ़: 300 से अधिक भारतीय लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जा... ₹200 जुर्माने वाले मामले में 12 साल की देरी: मंडी कोर्ट ने पुलिस का चालान किया खारिज, आरोपी बरी कानपुर के नत्थापुरवा गांव में गिरा 4-सीटर ट्विन-इंजन विमान; ट्रेनर सचिन भाटिया और ट्रेनी अभिषेक की म... राहुल गांधी के दबाव में बैकफुट पर मोदी सरकार? कांग्रेस जनता के बीच ले जाएगी ये 5 बड़े मुद्दे, प्रचार... धमतरी: 10 साल से बिस्तर पर जिंदगी काट रहे शशिकांत ने मांगी इच्छामृत्यु; हमले की CBI जांच और इलाज की ... उत्तर प्रदेश सर्किल रेट लिस्ट 2026: 9 साल बाद बदलने जा रहे हैं प्रॉपर्टी के सरकारी रेट, जेवर एयरपोर्... झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर परीक्षा पर रोक से इनकार, सरकार से 2 हफ्... गोरखपुर में पति-पत्नी के झगड़े से 1000 घरों की बिजली गुल: गुस्से में 11 KV हाईटेंशन तार पर फेंके कपड...
Header Ad

OBC महिला ने SC लड़के से की शादी और आरक्षित पंचायत की बन गई सरपंच, विरोध के बाद खतरे में सरपंची

भोपाल : राजधानी भोपाल में एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां OBC वर्ग की महिला ने SC वर्ग के व्यक्ति से विवाह किया और उसके सरनेम का सहारा लेकर SC वर्ग के लिए आरक्षित पंचायत से चुनाव जीत सरपंच बन गई। जबकि उसके पिता OBC वर्ग से हैं और उनका OBC वर्ग के लोगों के लिए बनाया जाने वाला जाति प्रमाण पत्र है जिससे वो परिवार के कई बच्चों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिला चुके हैं। अब इस मामले की कलेक्टर और ज़िला पंचायत सीईओ से शिकायत की गई है।

PunjabKesari

दरअसल बैरसिया जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रुनाहा SC वर्ग की महिला के लिए आरक्षित थी। इस पर द्रौपदी लोधी पत्नी कमल सिलावट ने 2022 हुए पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ा और वह चुनाव जीत गई। हालांकि द्रौपदी लोधी की जाति को लेकर शुरू से ही स्थानीय ग्रामीण को संदेह था कि यह ओबीसी वर्ग से हैं लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं होने के कारण किसी ने कही भी शिकायत नहीं की। वहीं अब द्रौपदी लोधी के पिता मदनलाल लोधी का OBC वर्ग के लिए बना जाति प्रमाण पत्र सामने आया है जिसमें उनकी जाति अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) दर्ज है। इससे साफ लग रहा है कि अगर पिता OBC वर्ग से हैं तो उनकी पुत्री SC वर्ग से कैसे हो सकती है। इसको लेकर ग्रामीण ने कलेक्टर भोपाल और ज़िला पंचायत सीईओ से शिकायत की है।

PunjabKesari

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि SC वर्ग के लोगों का हक मारा जा रहा है। जो पंचायत SC वर्ग के लिए आरक्षित है उस पर OBC वर्ग की महिला कैसे सरपंच बन सकती है। वहीं सूत्रों के अनुसार सरपंच के OBC वर्ग का होने की जानकारी सामने आने के बाद अब सभी पंच मिलकर सरपंच के ख़िलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.