Logo
ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...
Header Ad

GST की दर और होगी कम, वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कही ये बात

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि जीएसटी दरें और कम होंगी. उन्होंने कहा कि कर दरों और स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि राजस्व तटस्थ दर (आरएनआर) एक जुलाई, 2017 को जीएसटी की शुरुआत के समय 15.8 प्रतिशत से घटकर 2023 में 11.4 प्रतिशत हो गई है. मंत्री ने कहा, ”यह और भी कम होगी.”

सीतारमण की अध्यक्षता में उनके राज्य समकक्षों की जीएसटी परिषद ने सितंबर 2021 में दरों को युक्तिसंगत बनाने और स्लैब में बदलाव का सुझाव देने के लिए मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया था. सीतारमण ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स अवार्ड्स’ में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ”जीएसटी दरों और स्लैब को युक्तिसंगत बनाने का काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच गया है.”

मंत्री समूह समीक्षा के बाद करेगा फैसला

उन्होंने कहा, ”समूहों (जीओएम) ने बेहतरीन काम किया है, लेकिन अब इस चरण में मैंने एक बार फिर से प्रत्येक समूह के काम की पूरी तरह से समीक्षा करने का बीड़ा उठाया है, और फिर शायद मैं इसे परिषद के पास ले जाऊंगी. तब विचार किया जाएगा कि हम इस बारे में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं या नहीं.”

सीतारमण ने कहा कि दरों को तर्कसंगत बनाने पर कुछ और काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ”हम इसे अगली परिषद (बैठक) में ले जाएंगे. हम कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दों, जैसे दरों में कटौती, तर्कसंगत बनाने, स्लैब की संख्या पर विचार करने आदि पर अंतिम निर्णय लेने के बहुत करीब हैं.”

शेयर बाजार पर कह डाली बड़ी बात

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बारे में पूछने पर सीतारमण ने कहा, ”इस बारे में पूछना ऐसा ही है, जैसे क्या दुनिया शांत होगी, क्या युद्ध समाप्त हो जाएंगे, क्या लाल सागर सुरक्षित होगा, क्या कोई समुद्री डाकू नहीं होगा. क्या मैं इस पर टिप्पणी कर सकती हूं या आप में कोई भी टिप्पणी कर सकता है.” उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.