
PGIMER और CCF की बड़ी पहल: चंडीगढ़ में ‘बेसिक लाइफ सपोर्ट’ अभियान शुरू, आम नागरिक सीखेंगे CPR और जीवन रक्षक तकनीक
चंडीगढ़: चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन (CCF) ने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER), चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) यानी प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया है।
इस सामुदायिक जन-जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़ ट्राइसिटी क्षेत्र के आम नागरिकों को कार्डियक अरेस्ट (हृदयाघात) जैसी गंभीर आपात स्थितियों में तुरंत प्रतिक्रिया देने और समय पर CPR देकर मरीज की जान बचाने के आवश्यक कौशल में दक्ष बनाना है।
पंचकूला के शिवालिक कंट्री क्लब में आयोजित उद्घाटन समारोह में पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
🩺 हर नागरिक को बनना होगा जीवन रक्षक: कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक पर जताई चिंता
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का संबोधन:
-
सैनिक और डॉक्टर जैसी जिम्मेदारी: प्रो. लाल ने कहा कि जिस प्रकार सैनिक सीमा पर और डॉक्टर अस्पताल में सदैव तत्पर रहते हैं, उसी प्रकार संकट के समय हर आम नागरिक को प्राथमिक जीवन रक्षक बनने के लिए आगे आना होगा।
-
बढ़ते हृदयाघात के मामले: उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं और दवाओं की प्रगति के बावजूद युवाओं व कम उम्र के लोगों में अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की।
-
ज्ञान का सामुदायिक विस्तार: उन्होंने फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि PGI इस अभियान को पूरी तकनीकी विशेषज्ञता देगा, ताकि जीवन रक्षक तकनीक अस्पतालों की चारदीवारी से निकलकर आम जनमानस तक पहुंचे।
⏳ शुरुआती ‘गोल्डन मिनट्स’ बेहद अहम: पद्म भूषण प्रो. के.के. तलवार का संदेश
आपातकालीन प्राथमिक उपचार का महत्व:
-
समय पर सहायता: अभियान के प्रमुख सूत्रधार एवं पीजीआई के पूर्व निदेशक पद्म भूषण प्रो. के.के. तलवार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के अचानक गिरने या दिल की धड़कन रुकने के शुरुआती कुछ मिनट (Golden Period) सबसे संवेदनशील होते हैं।
-
एंबुलेंस से पहले मदद: यदि एंबुलेंस या डॉक्टरी मदद पहुंचने से पहले मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी सही तरीके से CPR दे दे, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। यह कार्यशाला ऐसी व्यावहारिक ट्रेनिंग की पहली कड़ी है।
🏫 स्कूल, कॉलेज और RWA सोसायटियों तक पहुंचेगा प्रशिक्षण अभियान
संस्थागत विस्तार और जागरूकता योजना:
-
ट्राइसिटी में कवरेज: चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों एवं आवासीय कल्याण समितियों (RWA) में निरंतर प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे।
-
नेतृत्व एवं समन्वय: फाउंडेशन की शासी परिषद सदस्य श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा और उपाध्यक्ष श्रीमती विनी महाजन ने नागरिक केंद्रित पहलों की रूपरेखा साझा की। वहीं एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग की प्रमुख प्रो. काजल जैन ने ट्रेनिंग मॉड्यूल प्रस्तुत किया।
⚡ 5 केंद्रों पर हुआ लाइव डेमो: नागरिकों ने सीखा CPR और AED का सही उपयोग
व्यावहारिक प्रशिक्षण और अभ्यास:
-
विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल: प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रो. काजल जैन, प्रो. प्रीति मैथ्यू और प्रो. जीतिंदर मक्कर की विशेषज्ञ टीम ने किया।
-
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु: प्रतिभागियों को अचानक अचेत हुए व्यक्ति की स्थिति का आकलन करने, सही गति व दबाव के साथ चेस्ट कम्प्रेशन (CPR) देने और ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED – विद्युत झटका उपकरण) के सुरक्षित संचालन का लाइव अभ्यास कराया गया।
-
सक्रिय जनभागीदारी: पंचकूला के सेक्टर-6 एमडीसी क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों ने बनाए गए 5 विशेष केंद्रों पर डमी पर प्रत्यक्ष व्यावहारिक अभ्यास किया।
📞 अपनी आवासीय सोसायटी में प्रशिक्षण कराने के लिए ऐसे करें संपर्क
आयोजन हेतु संपर्क सूत्र:
-
अतिरिक्त निदेशक: कर्नल जी.एस. चड्ढा (चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन)
-
हेल्पलाइन नंबर: 9630394050
-
आधिकारिक ई-मेल: chandigarhcitizensfoundation@gmail.com
-
कार्यक्रम के अंत में कर्नल जी.एस. चड्ढा ने सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों, अतिथियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

Comments are closed.