Logo
ब्रेकिंग
Sonepat Crime News: बिजली निगम के कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का शिकंजा, 2 लाख की रिश्वत लेते ALM गिरफ्ता... CIA Raid in Rewari: एसपी हेमेन्द्र मीणा के निर्देश पर अवैध तेल भंडारण पर छापा, एक शख्स हिरासत में और... Haryana News: संदीप सिंह यौन उत्पीड़न मामले में नया मोड़, अदालत में धारा 376/511 जोड़ने की याचिका पर... Haryana Crime News: घासेड़ा मोड़ पर पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए गौ तस्कर, भारी मात्रा में हथियार औ... Sonepat Crime News: एसटीएफ ने एनएच-44 पर घेराबंदी कर दबोचे बदमाश, अवैध हथियार और कार बरामद Hooda Targets BJP Government: हरियाणा में कानून-व्यवस्था और घोटालों को लेकर घिरी सरकार, कांग्रेस ने ... Ambala Crime News: CIA-2 पुलिस ने पकड़ी करोड़ों की हेरोइन, पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े कनेक्शन की हो र... Madhya Pradesh Politics: 'वन नेशन, वन प्लेटफॉर्म' के तहत MP विधानसभा होगी डिजिटल; विधायकों को मिला ट... Gwalior News Today: डबरा बौद्ध विहार के पते पर बने थे 17 बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट; पुलिस सत्... Mandsaur News Today: महू-नीमच हाईवे पर देर रात भीषण हादसा; उज्जैन जा रही मजदूरों से भरी ट्रॉली पलटी,...
Header Ad

Rekha Gupta and Arvind Kejriwal Voter Notice: दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के तहत नोटिस पर चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

दिल्ली में चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग ने लगभग 32 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए हैं। इस सूची में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों ही मामलों पर चुनाव आयोग की तरफ से अलग-अलग और स्पष्ट सफाई सामने आई है, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दस्तावेजों को जांच के बाद वैलिडेट कर दिया गया है।

🔍 2. सीएम रेखा गुप्ता को क्यों भेजा गया था नोटिस? उम्र के फासले में मिली थी लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी, अब नाम फाइनल लिस्ट में सुरक्षित

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस मिलने के मामले में सफाई देते हुए चुनाव अधिकारी ने बताया कि उनके फॉर्म में दर्ज उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ (तार्किक अंतर) पाई गई थी। हालांकि, विभाग द्वारा गहन जांच के बाद उनके सभी दस्तावेजों को पूरी तरह वैलिडेट कर दिया गया है, और उनका नाम मतदाता सूची की फाइनल लिस्ट में सुरक्षित रहेगा।

📜 3. अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के नोटिस पर चुनाव पंजीकरण अधिकारी का बयान, ‘नो-मैपिंग’ सूची की बताई वजह

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी द्वारा अरविंद केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से गायब होने के दावे के बाद, चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के ऑफिस ने स्थिति स्पष्ट की है। ईआरओ ने बताया कि केजरीवाल और उनके परिवार द्वारा जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में वे पूरी जानकारियां नहीं थीं, जिनसे उन्हें पिछले संशोधन की वोटर लिस्ट से लिंक किया जा सके। इस तकनीकी कमी के कारण उनके नाम ‘नो-मैपिंग’ (Unmapped) श्रेणी में चले गए थे, जिसके तहत नियमानुसार उन्हें वेरिफिकेशन नोटिस जारी किए गए।

Comments are closed.