
Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सुनाई आपबीती
जालंधर। कुछ दिन पहले वासल मॉल स्थित ‘अराध्या एंटरप्राइजेज’ नामक इमीग्रेशन दफ्तर के बाहर हुए जोरदार प्रदर्शन के बाद अब उनके पीड़ित क्लाइंट्स ने एक बड़ा और खौफनाक खुलासा किया है। पीड़ितों का आरोप है कि यह इमीग्रेशन फर्म जितने भी लोगों को वर्क परमिट पर दुबई भेजती है, उनकी नौकरियां वहां पाकिस्तानी नागरिकों के अधीन लगवाई जाती हैं। वहां पाकिस्तानी मालिक भारतीय युवाओं के साथ बेहद अमानवीय और जानवरों जैसा व्यवहार करते हैं।
🏚️ पासपोर्ट छीना और मुर्गीखाने में रखा: पीड़ित नीरज कुमार ने सुनाई दुबई की दर्दनाक आपबीती
हाल ही में किसी तरह दुबई से जान बचाकर लौटे पीड़ित नीरज कुमार ने बताया कि उसने विदेश जाने के लिए अराध्या एंटरप्राइजेज के मालिक से संपर्क किया था।
एजेंट ने 90 हजार रुपये में उसे ‘विजिट टू वर्क’ वीजा पर दुबई भेजने का भरोसा दिलाया था। नीरज का आरोप है कि जैसे ही वह दुबई एयरपोर्ट पर उतरा, एक पाकिस्तानी एजेंट उसे लेने आया। एजेंट ने आते ही उसका पासपोर्ट छीन लिया और उसे एक गंदे मुर्गीखाने में रात बिताने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसे एक पाकिस्तानी व्यक्ति की वर्कशॉप में काम पर लगा दिया गया, जहां न तो समय पर खाना दिया जाता था और न ही काम करने की सैलरी।
🎰 फर्जी जुए के कॉल सेंटर में फंसाने की कोशिश: पहले से फंसे हैं पंजाब और हिमाचल के लड़के-लड़कियां
जब नीरज ने बिना सैलरी काम करने का विरोध किया, तो पाकिस्तानी एजेंट ने उसकी नौकरी बदलकर एक अन्य पाकिस्तानी व्यक्ति की फैक्ट्री में लगवा दी। वहां भी दो महीने तक वेतन नहीं दिया गया।
जब उसने भारत वापस भेजने की जिद की, तो एजेंट उसे दुबई के एक बेहद पिछड़े और गंदे इलाके में ले गया, जहां पहले से ही पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई लड़के-लड़कियां फंसे हुए थे। इसके बाद उसे एक कॉल सेंटर में काम पर लगाया गया, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक फर्जी जुए का कॉल सेंटर है, जहां लोगों से साइबर ठगी की जाती थी। डर के मारे नीरज ने वह नौकरी छोड़ दी और जान-पहचान वालों की मदद से किसी तरह भारत वापस लौटा।
⚖️ लाइसेंस का गलत इस्तेमाल: एक लाइसेंस पर दो जगह दफ्तर खोलकर ठगी का आरोप
भारत लौटने के बाद पीड़ित नीरज ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जालंधर पुलिस प्रशासन को दी।
कार्रवाई के डर से एजेंट ने पीड़ित के पैसे लौटाकर राजीनामा (समझौता) कर लिया। बताया जा रहा है कि अराध्या एंटरप्राइजेज के पास केवल कंसलटेंसी का लाइसेंस है, लेकिन इसके बावजूद यह ट्रेवल एजेंट अवैध और गलत तरीकों से लोगों को विदेश भेजने का काम कर रहा है। आरोप है कि यह फर्म एक ही लाइसेंस के आधार पर दो-दो जगहों पर अवैध दफ्तर खोलकर मासूम लोगों को गुमराह कर लाखों की ठगी कर रही है।

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