
Indore Cyber Fraud: सावधान! आधार और KYC का गलत इस्तेमाल कर एक्टिवेट की 101 फर्जी सिम; साइबर सेल ने आरोपी को दबोचा
इंदौर। सिमकार्ड लेने पहुंचे ग्राहक को शायद ही अंदाजा हो कि उसके पहचान पत्र का इस्तेमाल कर उसके नाम पर कोई दूसरा फर्जी सिमकार्ड भी जारी किया जा सकता है। राज्य साइबर सेल ने इंदौर में एक ऐसे ही बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जिसमें आरोपी ने ग्राहकों के पहचान पत्र और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर 101 सिमकार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट कर डाले।
📸 लाइव फोटो की जगह लगाई खुद की तस्वीर: ‘ऑपरेशन फास्ट-2.0’ के तहत साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई
एसपी (साइबर) सव्यसाची सर्राफ के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन फास्ट-2.0’ के तहत की गई, जिसमें पुलिस ने मांगलिया निवासी आरोपी राजकुमार यदुवंशी को गिरफ्तार किया है।
मूल रूप से होशंगाबाद जिले का रहने वाला राजकुमार पिछले दस वर्षों से सिमकार्ड बेचने और एक्टिवेट करने का काम कर रहा था। आरोपी ने पांच-छह मोबाइल व सिमकार्ड दुकानों के नाम का दुरुपयोग कर खुद को वीआई (Idea-Vi) कंपनी के POS एजेंट के रूप में पंजीकृत करवा रखा था।
🔍 सिम एक्टिवेशन प्रक्रिया में लगाई सेंध: महिला मित्रों की फोटो का भी किया इस्तेमाल
POS एजेंट के जरिये ग्राहक के पहचान पत्र और केवाईसी दस्तावेज लेकर नया सिमकार्ड एक्टिवेट किया जाता है। नियम के मुताबिक, इस प्रक्रिया में ग्राहक की लाइव फोटो के साथ POS एजेंट की भी लाइव फोटो ऐप पर अपलोड करनी होती है।
आरोपी राजकुमार ने इसी पूरी प्रक्रिया में सेंध लगाई। उसने सिमकार्ड लेने आए ग्राहकों के पहचान पत्र तो असली रखे, लेकिन ग्राहक की जगह अपनी फोटो अपलोड कर दी। वहीं POS एजेंट की फोटो के स्थान पर अपनी महिला मित्रों और रिश्तेदार महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल किया।
🚨 101 फर्जी सिमकार्ड का कहां हुआ इस्तेमाल? साइबर सेल कर रही है गहन जांच
इस चालाकी से आरोपी ने अलग-अलग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कुल 101 फर्जी सिमकार्ड एक्टिवेट कर दिए।
फिलहाल इंदौर साइबर सेल इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आरोपी ने ये 101 सिमकार्ड किन असामाजिक तत्वों या आपराधिक गिरोहों को बेचे थे और इनका इस्तेमाल किन गैर-कानूनी गतिविधियों में किया गया है।

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