
Maharashtra Dighi Port & Warship Project: दिघी पोर्ट से 90 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार! CM देवेंद्र फडणवीस ने की बड़ी घोषणा
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और मझगांव डॉकयार्ड के बीच एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इसके तहत रायगढ़ के दिघी में देश का सबसे बड़ा पोर्ट तैयार करने का बड़ा निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया कि यह लगभग 27 हजार करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जो देश के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक होगा। उन्होंने दावा किया कि इस अत्याधुनिक पोर्ट पर नौसेना के लिए वॉरशिप (युद्धपोत) भी तैयार किए जाएंगे। इस परियोजना के शुरू होने से राज्य में लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 75 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
🚢 इंडिया मैरीटाइम विजन और सरकारी योजनाओं की समीक्षा: 3 साल में पूरा होगा पोर्ट का निर्माण
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘इंडिया मैरीटाइम विजन’ के तहत देश में बनने वाले जहाजों के निर्माण में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले महाराष्ट्र की हो रही है।
काम शुरू होने के बाद दिघी पोर्ट परियोजना को करीब तीन वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार की लगभग 25 प्रतिशत महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि जिन लाभार्थियों के लिए योजनाएं शुरू की गई हैं, उन्हें वास्तव में उनका सीधा लाभ मिल रहा है या नहीं।
🍬 चीनी कारखानों को 750 करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन: ब्याज का पूरा खर्च वहन करेगी राज्य सरकार
कृषि और चीनी उद्योग को राहत देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक और बड़े पैकेज का ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि राज्य के चीनी कारखानों को 750 करोड़ रुपये का ‘सॉफ्ट लोन’ देने का निर्णय लिया गया है। इस पूरे कर्ज पर लगने वाले ब्याज का भुगतान राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे चीनी मिलों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गन्ने के एफआरपी (FRP) भुगतान के मामले में महाराष्ट्र पूरे देश में किसानों को सबसे ज्यादा भुगतान करने वाला अग्रणी राज्य बना हुआ है।
📢 मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन और कानून-व्यवस्था पर स्पष्ट रुख: पुलिस की अनुमति के बिना नहीं होगा प्रदर्शन
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के आगामी आंदोलन पर सरकार का रुख साफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने फिलहाल आंदोलन की अनुमति देने से इनकार किया है। हालांकि, आयोजकों की ओर से दोबारा आवेदन किया गया है, जिस पर नियमों और मेरिट के आधार पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
🏛️ गणेशोत्सव, CET जांच और किसानों को फसल नुकसान पर राहत: 5 अक्टूबर के सर्वे का नहीं करेंगे इंतजार
गणेशोत्सव के दौरान भीड़भाड़ और आंदोलनों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अधिकांश मांगें पहले ही मान ली हैं, जबकि कुछ मुद्दे कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में त्योहार के दौरान आम जनता को परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
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CET परीक्षा मामला: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT का गठन कर दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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MPSC परीक्षा: ऑनलाइन परीक्षा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है और अधिकारियों के बयान का गलत अर्थ निकाला गया था।
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किसान राहत: बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर हर जिले से रिपोर्ट ली जा रही है। NDRF नियमों के तहत 5 अक्टूबर तक सर्वे की सीमा है, लेकिन सरकार तब तक इंतजार किए बिना किसानों को तुरंत राहत पहुंचाएगी।
🔍 दिशा सालियान केस में CBI जांच और अमित शाह के बयान पर सफाई: प्रियंका गांधी के कार्यकाल पर भी दी प्रतिक्रिया
अन्य राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:
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दिशा सालियान मामला: यह संवेदनशील केस सीबीआई (CBI) को सौंपा गया है। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर का अध्ययन करने के बाद ही इस पर आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी।
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अमित शाह का बयान: गृह मंत्री अमित शाह के मराठी भाषा वाले बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि पूरे भाषण को सुने बिना चुनिंदा पंक्तियों के आधार पर आलोचना करना अनुचित है। उन्होंने मराठी को महाराष्ट्र का असली गौरव बताया था।
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प्रियंका गांधी: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पार्टी महासचिव बने करीब 1,000 दिन हो चुके हैं, पहले उन्हें काम करने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए और उसके बाद ही उनके प्रदर्शन का आकलन होना चाहिए।

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