Logo
ब्रेकिंग
Barwani News: बिजासन घाट में शिमला मिर्च से भरे मिनी ट्रक में लगी भीषण आग, कूदकर बची ड्राइवर की जान;... लाठीचार्ज के बाद भड़के डॉक्टर्स, सीनियर रेजिडेंट्स ने किया OPD का बहिष्कार; JDA का समर्थन MP High Court on Dacoity Act: जब प्रदेश में डकैत ही नहीं तो 45 साल पुराना एक्ट क्यों? हाईकोर्ट ने DG... भोपाल में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े इंटर्न डॉक्टर: कमला पार्क में धरना जारी, मिला कांग्रेस का... रतलाम में मॉडिफाइड साइलेंसरों पर गरजा पुलिस का बुलडोजर: 108 साइलेंसर कुचले, ₹1 लाख का जुर्माना वसूला Gwalior Achaleshwar Mandir: अचलेश्वर महादेव मंदिर की दानपेटी से निकली अनोखी चिट्ठियां, भक्त बोला- 'क... Chhindwara Patalkot School: पातालकोट में दावों की खुली पोल, 5 साल से छप्पर वाले कच्चे मकान में पढ़ने... सागर कांड के बाद छतरपुर प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध शराब कारोबारियों पर संयुक्त प्रहार साइबर ठगी की रकम पर MP हाईकोर्ट सख्त: ATM से कैश निकालने पर बायोमेट्रिक या फेस स्कैन लागू करने का सु... सीहोर के वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव: ग्रामीणों में मची अफरातफरी, अस्पताल में भर्ती
Header Ad

साइबर ठगी की रकम पर MP हाईकोर्ट सख्त: ATM से कैश निकालने पर बायोमेट्रिक या फेस स्कैन लागू करने का सुझाव

जबलपुर (मध्य प्रदेश): देश भर में बढ़ते साइबर अपराध के मामलों में यह सामान्य रूप से देखा जाता है कि ठगी की रकम को तेजी से कई बैंक खातों में स्थानांतरित कर एटीएम (ATM) के माध्यम से नकद निकाल लिया जाता है, जिससे मुख्य अपराधी कानून की गिरफ्त से बाहर रह जाते हैं।

इस गंभीर प्रवृत्ति पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने ऐसी संगठित वित्तीय धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से एक सुदृढ़ प्रमाणीकरण प्रणाली (Authentication Mechanism) विकसित करने पर विचार करने का आग्रह किया है। इसके तहत किसी बड़ी या संदिग्ध नकदी निकासी के समय निकासीकर्ता की पुख्ता पहचान दर्ज करने की व्यवस्था की जाए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि गोपनीयता (Privacy), तकनीकी व्यावहारिकता (Feasibility), सुरक्षा, सुलभता और संवैधानिक मौलिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए बायोमेट्रिक सत्यापन अथवा फेशियल-रिकग्निशन जैसी विश्वसनीय तकनीकों के उपयोग पर विचार किया जाए, जिससे वास्तविक आहरणकर्ता की पहचान सुनिश्चित हो सके।

⚖️ साइबर फ्रॉड मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट का दखल: पांच आरोपी गिरफ्तार

याचिका और पुलिस अनुसंधान का विवरण:

  • पीड़िता की याचिका: जबलपुर के गोराबाजार निवासी चैताली मित्रा द्वारा साइबर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस विवेचना की प्रगति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

  • खाता किराए पर देने वाले धरे गए: सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित विवेचना अधिकारी ने न्यायालय को अवगत कराया कि साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए अपने बैंक खाते किराए पर उपलब्ध कराने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

  • मास्टरमाइंड के करीब पुलिस: जांच एजेंसी ने न्यायालय को बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस सिंडिकेट के मुख्य षड्यंत्रकारी तक पहुंचने के बेहद करीब है।

💳 म्यूल अकाउंट्स का खूनी खेल: मनी ट्रेल छिपाने के लिए एटीएम से होता है कैश विड्रॉल

जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत तकनीकी तथ्य:

  • मनी ट्रेल तोड़ना: जांच अधिकारी ने विस्तृत जांच के लिए समय मांगते हुए बताया कि ठगी की राशि कई मध्यवर्ती खातों से घुमाते हुए म्यूल अकाउंट (Mule Account) में पहुंचाई जाती है।

  • सीसीटीवी तक सीमित साक्ष्य: इसके तुरंत बाद रकम को एटीएम से कैश निकाल लिया जाता है, जिससे डिजिटल ट्रेल टूट जाती है और विवेचना टीम के पास केवल अस्पष्ट सीसीटीवी फुटेज ही एकमात्र साक्ष्य के रूप में रह जाते हैं।

📜 फर्जी पतों पर खुल रहे खाते: कोर्ट ने RBI से अतिरिक्त सत्यापन पर विचार करने को कहा

अदालत के निर्देश और भावी रणनीति:

  • सत्यापन में फर्जीवाड़ा: एकलपीठ ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि साइबर अपराधों में फर्जी पतों और संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खोले जा रहे हैं, जिनका उपयोग केवल फंड ट्रांसफर और निकासी के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में होता है।

  • तृतीय पक्ष निकासी पर डिजिटल रिकॉर्ड: हाईकोर्ट ने आरबीआई से इस बिंदु पर भी नीतिगत विचार करने को कहा कि यदि कोई मूल खाताधारक किसी अन्य व्यक्ति को पैसे निकालने के लिए अधिकृत करता है, तो क्या उसका कोई डिजिटल या दस्तावेजी रिकॉर्ड और अतिरिक्त प्रमाणीकरण संभव बनाया जा सकता है।

  • अगली सुनवाई: इस महत्वपूर्ण जनहितकारी विषय पर अगली अदालती सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। मामले में शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता वी.एस. चौधरी और प्रियंका मिश्रा ने पैरवी की।

Comments are closed.