Logo
ब्रेकिंग
जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ...
Seva Mitra
Header Ad

सीहोर के वॉटर फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव: ग्रामीणों में मची अफरातफरी, अस्पताल में भर्ती

सीहोर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक गंभीर औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है, जहां मंगलवार शाम एक वॉटर फिल्टर प्लांट में अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

गैस के प्रभाव से ग्राम लसुड़िया खास और उसके समीपवर्ती इलाकों में रहने वाले कई लोगों को आंखों में तेज जलन, उल्टी और सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। स्थिति बिगड़ते ही पीड़ितों को उपचार के लिए तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जिससे अस्पताल परिसर में मरीजों की कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, गांव के तालाब में एकत्र बारिश के पानी को शुद्ध करने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों की कथित लापरवाही के चलते क्लोरीन गैस का टैंक लीक हो गया।

🧪 600 किलोग्राम के सिलेंडर से हुआ गैस रिसाव: पूरे गांव में फैली दहशत

दुर्घटना का कारण और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:

  • भारी रिसाव से भगदड़: जैसे ही क्लोरीन गैस वायुमंडल में फैली, ग्रामीणों को दम घुटने, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतें होने लगीं, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

  • पुलिस और स्वास्थ्य दल मौके पर: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत गांव पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रभावित ग्रामीणों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।

  • एडिशनल एसपी का बयान: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के अनुसार, प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि गैस का रिसाव 600 किलोग्राम क्षमता वाले एक क्लोरीन गैस सिलेंडर से हुआ है। लीकेज किन तकनीकी कारणों अथवा मानवीय चूक से हुआ, इसकी गहन जांच की जा रही है।

🏥 जिला अस्पताल में आपात स्थिति: डॉक्टरों ने शुरू किया तत्काल प्राथमिक उपचार

मरीजों की स्थिति और चिकित्सीय व्यवस्था:

  • अस्पताल में अलर्ट: गैस रिसाव की चपेट में आए लसुड़िया खास के 12 से अधिक ग्रामीणों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया।

  • मरीज खतरे से बाहर: अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने बताया कि समय पर मिले इलाज के कारण फिलहाल किसी भी मरीज की स्थिति नाजुक नहीं है और सभी नागरिक खतरे से पूरी तरह बाहर हैं।

  • गांव में पुलिस बल तैनात: अफवाहों और घबराहट को रोकने के लिए गांव में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।

🩺 फेफड़ों पर असर को लेकर वरिष्ठ चिकित्सक की सलाह: घबराने की जरूरत नहीं

चिकित्सकीय विश्लेषण और लक्षण:

  • श्वसन संबंधी शिकायतें: जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता ने जानकारी दी कि कई मरीज सांस के जरिए क्लोरीन भीतर जाने की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिनमें घबराहट और सांस लेने में हल्की दिक्कत देखी गई।

  • संक्रमण का खतरा: डॉ. गुप्ता के अनुसार, यदि बहुत कम मात्रा में क्लोरीन सांस के साथ जाती है तो शरीर उसे संभाल लेता है, लेकिन अधिक मात्रा में फेफड़ों तक पहुंचने पर इंफेक्शन (संक्रमण) का खतरा हो सकता है।

  • सतत निगरानी: प्राथमिक उपचार के बाद सभी मरीजों की हालत स्थिर बनी हुई है, हालांकि एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Comments are closed.