
यरुशलम: ब्रिटेन और इजराइल के बीच राजनयिक रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं। ब्रिटिश सरकार द्वारा इजराइली बस्तियों के खिलाफ नए आर्थिक व व्यापारिक प्रतिबंधों की घोषणा के बाद इजराइल ने भी तीखा पलटवार किया है।
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Gideon Sa’ar) ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पूर्ण सहमति से यरुशलम में स्थित ब्रिटिश कॉन्सुलेट (वाणिज्य दूतावास) को बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि वेस्ट बैंक की बस्तियों के साथ व्यापार पर रोक लगाने और उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध के ब्रिटिश फैसले के जवाब में यह कूटनीतिक कदम उठाया गया है।
⚡ ब्रिटेन के खिलाफ इजराइल के 4 बड़े जवाबी कदम: नेताओं की एंट्री पर भी लगाई रोक
इजराइल सरकार द्वारा घोषित चार सख्त कदम:
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ब्रिटिश कॉन्सुलेट बंद: यरुशलम स्थित ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास का संचालन तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा।
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सपोर्ट सेंटर से निष्कासन: किर्यात गात में स्थित इंटरनेशनल गाजा सपोर्ट सेंटर से सभी ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाया जाएगा।
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सैन्य ट्रेनिंग पर रोक: रामल्लाह में ब्रिटिश सपोर्ट टीम के जरिए फिलिस्तीनी अथॉरिटी के सुरक्षा बलों को दी जा रही ट्रेनिंग तुरंत बंद की जाएगी।
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ब्रिटिश नागरिकों और नेताओं पर नो-एंट्री: 12 ब्रिटिश निर्वाचित प्रतिनिधियों और चुनिंदा नागरिकों के इजराइल प्रवेश पर रोक लगाई गई है। उन पर यहूदी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और इजराइल के अस्तित्व को नकारने का आरोप है।
🏛️ आंतरिक मामलों में दखल का आरोप: विदेश मंत्री गिदोन सार ने लेबर सरकार को घेरा
आरोपों और आपत्तियों का विवरण:
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राजनीतिक दुर्भावना का आरोप: इजराइल के विदेश मंत्री ने ब्रिटेन की मौजूदा लेबर सरकार पर इजराइल के आंतरिक मामलों और चुनाव प्रक्रिया में गैर-जरूरी हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए इन प्रतिबंधों को एकतरफा बताया।
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जनता से बैर नहीं: उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइल को ब्रिटेन की जनता से कोई शिकायत नहीं है, परंतु वहां की मौजूदा सरकार लगातार इजराइल-विरोधी नीतियां लागू कर रही है।
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E1 क्षेत्र पर ब्रिटिश आपत्ति खारिज: तेल अवीव ने वेस्ट बैंक और संवेदनशील E1 क्षेत्र के विकास पर उठाई गई आपत्तियों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं काफी पुरानी हैं और इनसे फिलिस्तीनी संपर्क प्रभावित होने का दावा तथ्यहीन है।
⚠️ अन्य देशों को भी कड़ा संदेश: इजराइल बोला- ‘कार्रवाई का जवाब कार्रवाई से देंगे’
कूटनीतिक तनाव का बढ़ता दायरा:
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हथियार और व्यापार समझौतों पर तल्खी: इजराइल ने ब्रिटिश सरकार द्वारा हथियार निर्यात लाइसेंस रोकने, मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ताएं ठंडे बस्ते में डालने और सुरक्षा सहयोग घटाने की नीतियों पर गहरा रोष व्यक्त किया।
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वैश्विक चेतावनी: गिदोन सार ने चेतावनी दी कि जो भी अन्य देश इजराइल के विरुद्ध एकतरफा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करेंगे, इजराइल उनके खिलाफ भी ऐसे ही सख्त प्रशासनिक व कूटनीतिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
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ब्रिटिश संसद का रुख: इससे पूर्व ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में वेस्ट बैंक की नीतियों की आलोचना करते हुए कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों से वस्तुओं के आयात पर पाबंदी लगाने का औपचारिक प्रस्ताव रखा गया था।

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