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रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित

रायपुर (छत्तीसगढ़): शिक्षक दिवस के गरिमामयी अवसर पर रायगढ़ जिले की दो कर्मठ शिक्षिकाओं—ओमकुमारी पटेल एवं आरती साहू को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए नवाचारों को धरातल पर उतारने, गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए वर्ष 2025 में इन दोनों शिक्षिकाओं के नाम की घोषणा की गई थी। राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा दोनों शिक्षिकाओं को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। वर्तमान में दोनों शिक्षिकाएं विकासखंड पुसौर के शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा में सहायक शिक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।

💡 नवाचार और समर्पण से शिक्षा को बनाया प्रभावी: ओमकुमारी पटेल ने गढ़े सफलता के नए आयाम

शैक्षणिक यात्रा और महत्वपूर्ण उपलब्धियां:

  • सेवा यात्रा की शुरुआत: ओमकुमारी पटेल ने 27 जून 2009 को बतौर शिक्षक अपनी सेवा यात्रा शुरू की थी। उनकी पहली पदस्थापना प्राथमिक शाला हिरीं (सारंगढ़) में हुई थी, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की ललक और आत्मविश्वास जगाया।

  • नवोदय में चयन और डिजिटल शिक्षा: वर्ष 2013 में प्राथमिक शाला शंकरपाली (पुसौर) में पदस्थापना के दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उनके कुशल मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में छात्र निखिल साहू का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ। कोविड-19 के कठिन दौर में भी उन्होंने बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी और उन्हें डिजिटल लर्निंग से जोड़े रखा।

  • शिक्षा दूत सम्मान: उत्कृष्ट नवाचारों के लिए वर्ष 2020 में उन्हें ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से नवाजा जा चुका है। उन्होंने समुदाय के सहयोग से हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और पलायन के प्रभाव से बच्चों की शिक्षा को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई।

👩‍👧‍👦 माताओं की सहभागिता से बच्चों की शिक्षा में बदलाव: आरती साहू का अनूठा ‘माता उन्मुखी’ मॉडल

रचनात्मक दृष्टिकोण और सामुदायिक जुड़ाव:

  • उच्च शैक्षणिक योग्यता: 30 जून 2009 से शिक्षण कार्य कर रहीं आरती साहू वाणिज्य संकाय में स्नातकोत्तर, छत्तीसगढ़ी भाषा, बी.एड. और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण हैं। वे प्राथमिक शाला सेमरा में रोचक ढंग से अध्यापन करा रही हैं।

  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: वे बच्चों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ जवाहर नवोदय विद्यालय और एकलव्य आवासीय विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तराश रही हैं। साथ ही योग, स्वच्छता, खेलकूद और नैतिक मूल्यों के जरिए उनका सर्वांगीण विकास कर रही हैं।

  • ‘माता उन्मुखी’ अनूठी पहल: आरती साहू का मानना है कि बच्चों की नींव मजबूत करने में माताओं की भूमिका निर्णायक होती है। इसी सोच के तहत उन्होंने घर-घर संपर्क कर घरों में ‘लर्निंग कॉर्नर’ बनवाए और माताओं को स्कूल की गतिविधियों से जोड़ा। माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री (TLM) बनाने, स्थानीय पर्व मनाने और समर कैंप में सक्रिय भागीदार बनाया गया, जिससे बच्चों के सीखने की गति में गुणात्मक सुधार आया।

🌟 प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा: रायगढ़ के गौरव बने सेमरा स्कूल के शिक्षक

समग्र मूल्यांकन और प्रेरणा:

  • कक्षा से बाहर का दायरा: दोनों शिक्षिकाओं ने यह साबित किया है कि अध्यापन केवल चारदीवारी और किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदाय और अभिभावकों को जोड़कर शिक्षा को जन-आंदोलन बनाया जा सकता है।

  • उत्कृष्टता की पहचान: राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान मिलना उनके वर्षों के निस्वार्थ समर्पण, नवाचार और जमीनी स्तर पर किए गए सकारात्मक बदलावों की सच्ची पहचान है।

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