
देवास के SKP कॉलेज में हाथ में कागज की बंदूक लेकर पहुंचे छात्र: 3 माह बाद भी नहीं मिलीं किताबें, प्रिंसिपल कक्ष में धरना
देवास (मध्य प्रदेश): जिले के प्रतिष्ठित शासकीय एसकेपी कॉलेज (SKP College) में प्रबंधन की घोर लापरवाही के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) का एक बेहद अनूठा और चौंकाने वाला प्रदर्शन देखने को मिला।
सत्र शुरू होने के करीब तीन महीने बीत जाने के बाद भी जब छात्रों को लाइब्रेरी से अध्ययन सामग्री और पाठ्यक्रम की पुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो नाराज छात्र अपने हाथों में ‘कागज की बंदूकें’ लेकर सीधे कॉलेज परिसर और लाइब्रेरी में पहुंच गए। छात्रों ने शिक्षकों व प्रबंधन के सामने कागज की बंदूकें रखकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और प्रभारी प्राचार्य के कक्ष में ही धरना शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन से पूरे कॉलेज स्टाफ और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
📖 नया सत्र शुरू हुए बीते महीने: लाइब्रेरी में किताबों का भारी टोटा
छात्रों की नाराजगी और अध्ययन का संकट:
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कोर्स से वंचित छात्र: नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन शासकीय कॉलेज की लाइब्रेरी में अब तक विद्यार्थियों के लिए आवश्यक पुस्तकें और संदर्भ सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
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बढ़ता असंतोष: बाजार में महंगी किताबें खरीदने में असमर्थ सामान्य और गरीब पृष्ठभूमि के विद्यार्थी पढ़ाई प्रभावित होने से बेहद परेशान हैं और कॉलेज की इस अव्यवस्था के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
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अनोखा प्रतीकात्मक विरोध: छात्रों ने कहा कि जब कलम और किताब देने में प्रशासन विफल रहा, तब व्यवस्था को नींद से जगाने के लिए उन्होंने कागज की प्रतीकात्मक बंदूकें उठाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
🪧 प्रभारी प्राचार्य के कक्ष में धरने पर बैठे कार्यकर्ता: भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
प्रबंधन को सोमवार तक का अल्टीमेटम:
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चैंबर में घेराव: आक्रोशित छात्र सीधे प्रभारी प्राचार्य के कक्ष में दाखिल हो गए और वहीं फर्श पर बैठकर नारेबाजी व धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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भ्रष्टाचार के आरोप: NSUI पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लाइब्रेरी के बजट और पुस्तकों की खरीद प्रक्रिया में भारी लापरवाही और कथित वित्तीय अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
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उग्र आंदोलन की चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन को सोमवार तक का समय देते हुए दो टूक चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में सभी किताबें उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो कॉलेज में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
🗣️ ‘2 महीने और लगने की बात कहकर टाल रहे’: छात्रों ने बताई जमीनी हकीकत
छात्र प्रतिनिधियों का बयान:
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प्रतीकात्मक संदेश: NSUI कार्यकर्ताओं ने बताया, “हम कागज की बंदूकें लेकर यह कड़ा संदेश देने गए थे कि कॉलेज खुले 3 महीने हो चुके हैं, लेकिन आज तक किताबें नहीं दी गईं। छात्र मानसिक रूप से इस कदर परेशान हैं कि उन्हें प्रतीकात्मक बंदूक उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।”
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प्रबंधन का ढुलमुल रवैया: कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब उन्होंने प्राचार्य से बात की, तो उन्होंने कहा कि यह उनके हाथ में नहीं है और भोपाल से कोर्स व किताबें आने में अभी 2 महीने का समय और लग सकता है। छात्रों ने इस टालमटोल पर तीखा आक्रोश जताया।
🏛️ प्रभारी प्रिंसिपल का पक्ष: ‘प्रक्रिया जारी है, भोपाल से सूची आते ही बांटी जाएंगी पुस्तकें’
कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक स्पष्टीकरण:
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प्रक्रियाधीन मामला: एसकेपी कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल भगवान सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किताबों की उपलब्धता का मामला प्रक्रियाधीन है और जल्द ही लाइब्रेरी में पुस्तकें पहुंचा दी जाएंगी।
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भोपाल से मंगाई जाएंगी किताबें: प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में छात्रों की प्रवेश (एडमिशन) प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रवेश समाप्त होते ही विद्यार्थियों की अंतिम सूची भोपाल मुख्यालय प्रेषित कर दी जाएगी और वहां से पुस्तकें प्राप्त होते ही तत्काल सभी छात्रों को वितरित कर दी जाएंगी।

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