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पानीपत के बाबरपुर में युवक से मारपीट के बाद बड़ा फैसला: बिना आधार कार्ड प्रवासी मजदूरों को नहीं मिलेगा कमरा, गांव छोड़ने का फरमान

पानीपत (हरियाणा): जिले के गांव बाबरपुर में स्थानीय युवक के साथ प्रवासी मजदूरों के विवाद और मारपीट की घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में सुरक्षा और पहचान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

गांव में स्थित एक फैक्ट्री में काम करने वाले कुछ प्रवासी मजदूरों और स्थानीय युवक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि मजदूरों ने एकजुट होकर लाठी-डंडों से युवक पर हमला कर दिया और गंभीर मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही मामला पुलिस थाने पहुंचा, जिसके बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सामूहिक पंचायत बुलाने का निर्णय लिया।

📋 बिना आधार कार्ड नहीं मिलेगा कमरा, बाहर जाने का फरमान

ग्रामीणों की बैठक और लिए गए प्रमुख निर्णय:

  • आपातकालीन पंचायत: घटना वाली रात गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत बैठक की।

  • पहचान पत्र अनिवार्य: ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में रहने वाले प्रत्येक प्रवासी मजदूर के पास आधार कार्ड सहित अन्य वैध पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा।

  • किराए पर रोक: जिस भी प्रवासी श्रमिक के पास वैध पहचान दस्तावेज नहीं होंगे, उसे गांव में कोई भी मकान मालिक कमरा किराए पर नहीं देगा।

  • गांव छोड़ने का निर्देश: बिना पहचान पत्र के पहले से रह रहे लोगों को तत्काल प्रभाव से गांव खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

🛡️ “फैसला किसी वर्ग के खिलाफ नहीं, सुरक्षा और पहचान के लिए जरूरी”

ग्रामीणों का पक्ष और वर्तमान स्थिति:

  • भविष्य के विवादों पर रोक: ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी खास समुदाय या वर्ग के विरुद्ध नहीं है, बल्कि गांव में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की प्रामाणिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए है ताकि भविष्य में अपराध व विवाद रोके जा सकें।

  • क्षेत्र में चर्चा: घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों के इस सामूहिक फैसले को लेकर आसपास के गांवों में भी चर्चा बनी हुई है।

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