Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

‘कण-कण में शंकर’: सिवनी के कलाकारों ने कबाड़ और अष्टधातु के पुर्जों से बनाई 5 क्विंटल की भव्य शिव प्रतिमा

सिवनी (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में प्रतिभाशाली स्थानीय कलाकारों ने कबाड़ और अनुपयोगी मशीनों के पुर्जों से महादेव की मनोहारी प्रतिमा का निर्माण कर ‘कण-कण में शंकर’ का अनूठा संदेश दिया है।

अपनी रचनात्मकता, लगन और आस्था का परिचय देते हुए कलाकारों ने अष्टधातु व मशीनों के स्क्रैप पार्ट्स को जोड़कर भगवान शिव की एक अत्यंत विशाल और भव्य प्रतिमा तैयार की है। लगभग 5 क्विंटल वजनी इस आकर्षक प्रतिमा को साकार करने में 12 से 15 कलाकारों की टीम को करीब तीन महीने का कड़ा परिश्रम करना पड़ा।

⚙️ लोहा, तांबा, पीतल और चांदी के कबाड़ से तैयार हुई दिव्य प्रतिमा

प्रतिमा निर्माण में उपयोग की गई सामग्रियों का विवरण:

  • विभिन्न धातुओं का इस्तेमाल: कलाकारों ने लोहा, स्टील, चांदी, पीतल, तांबा, जस्ता और रांगा सहित विभिन्न धातुओं के अनुपयोगी और खराब हो चुके कलपुर्जों का संयोजन किया है।

  • कण-कण में शिव का दर्शन: कलाकारों का उद्देश्य यह संदेश देना था कि शिव निराकार और साकार दोनों रूपों में ब्रह्मांड के प्रत्येक कण में समाहित हैं।

  • मठ मंदिर में स्थापना: कबाड़ से निर्मित इस कलात्मक और श्रद्धापूर्ण शिव प्रतिमा को नगर के सुप्रसिद्ध व ऐतिहासिक मठ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ स्थापित किया गया है।

🎨 सनातनी परंपरा और आधुनिक स्क्रैप आर्ट का खूबसूरत संगम

प्रतिमा निर्माण की तकनीकी बारीकियों पर मुख्य कलाकार विक्की कश्यप के विचार:

  • वार्षिक परंपरा: स्थानीय कलाकार विक्की कश्यप ने बताया कि हर वर्ष सावन के पावन महीने में भगवान शिव के नए-नए रूपों को कला के जरिए प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है।

  • धातुओं का अनूठा संयोजन: प्रतिमा के मुख्य ढांचे में लोहा और स्टील की कतरन का अधिकतम उपयोग किया गया है।

  • विशिष्ट अंग संरचना: प्रतिमा के माथे पर सोने और चांदी के तत्वों से तिलक सजाया गया है, हाथों की बनावट में जस्ता और रांगा प्रयुक्त हुआ है, जबकि भगवान शिव की जटाओं के स्वरूप को उभारने के लिए तांबे और पीतल के लोटे व पात्रों को कलात्मक ढंग से जोड़ा गया है।

  • स्थानीय सहयोग: प्रतिमा निर्माण में लोहे और स्टील के कई पुर्जे स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों द्वारा सहयोग के रूप में उपलब्ध कराए गए।

⚖️ 5 क्विंटल वजन और 3 महीने का कड़ा परिश्रम

परियोजना से जुड़े प्रमुख आंकड़े और समयसीमा:

  • निर्माण अवधि: स्क्रैप के अलग-अलग टुकड़ों को तराशने, वेल्ड करने और सही अनुपात में जोड़ने में लगभग ढाई से तीन महीने का समय लगा।

  • कुल वजन: धातु के ठोस पुर्जों से बनी इस विशाल प्रतिमा का कुल वजन लगभग 4 से 5 क्विंटल के बीच है।

  • कला और आस्था का मेल: यह शिल्प भारतीय सांस्कृतिक चेतना, सनातनी आस्था और आधुनिक पर्यावरण-अनुकूल ‘वेस्ट टू वेल्थ’ स्क्रैप आर्ट का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

Comments are closed.