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11 मौतों के बाद बड़ी कार्रवाई: ‘जानलेवा’ कफ सिरप मामले में पहली गिरफ्तारी, डॉक्टर ने लिखी थी ज़हरीली दवा

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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 11 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले शनिवार को ही परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी sresun फार्मासूटिकल के संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी थी.

इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है केस

मामले में ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(A), बीएनएस की धारा 105 और 276 के तहत केस दर्ज किया गया है. डॉक्टर के खिलाफ परासिया सीएचसी से बीएमओ अंकित सहलाम ने शिकायत की थी. छिंदवाड़ा में मरने वाले ज्यादातर बच्चों को कफ सिरप डॉक्टर प्रवीण सोनी ने ही लिखी थी.

सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा है 48.6%

जिस सिरप से बच्चों की मौत हुई थी, उसकी जांच रिपोर्ट शनिवार देर रात आई थी. रिपोर्ट में पाया गया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 48.6% थी. जिससे स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुंच सकती है.

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: CM मोहन यादव

छिंदवाड़ा जिले में 7 सितंबर से संदिग्ध किडनी संक्रमण के कारण 11 बच्चों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 सितंबर को कहा, “छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप के कारण बच्चों की मौत बेहद दुखद है. इस सिरप की बिक्री पूरे मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित कर दी गई है. इस सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया जा रहा है.”

यह सिरप कांचीपुरम की एक फैक्ट्री में बनाया गया था. घटना के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आज सुबह प्राप्त हुई और कड़ी कार्रवाई की गई है. बच्चों की दुखद मौतों के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई जारी है. यादव ने कहा कि मामले की जांच के लिए राज्य स्तर पर एक टीम भी गठित की गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

कमलनाथ ने सरकार पर बोला मामला

कफ सिरप से बच्चों की मौत मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को पीड़ित परिवारों 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देनी चाहिए. उनका यह बयान मुख्यमंत्री की तरफ से पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की मंज़ूरी के बाद आया है.

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