Logo
ब्रेकिंग
SKMU Dumka Hunger Strike: दुमका में ABVP छात्रों की भूख हड़ताल का चौथा दिन; लगातार गिर रहा BP और ग्ल... Ranchi Crime News: पुलिस सुरक्षा को ठेंगा! रांची के सबसे व्यस्त अपर बाजार में 20 लाख से अधिक की चोरी... Hemant Soren Mother Hospitalized: सीएम की मां रूपी सोरेन अस्पताल में भर्ती; डॉक्टर बोले— सेहत स्थिर,... Ranchi News: DSPMU के तीसरे दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज; यूजी-पीजी के 6 हजार से अधिक छात्रों को... BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ... Ganesh Utsav Vidisha: बंटी नगर में सजी 'गोकुलधाम सोसाइटी' की अनोखी झांकी; सिद्ध गणेश मंदिर में लगी भ... Asian Games 2026 Women's Cricket: सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी टीम इंडिया, मैच बारिश से धुला ... KBC 18 Episode Update: छत्तीसगढ़ की कपिला तनेजा की दर्द भरी कहानी सुनकर नम हुईं बिग-बी की आंखें, जान... Pakistan Kohat Mosque Blast: खैबर पख्तूनख्वाह की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 5 जव...
Header Ad

राहुल के सांसद प्रतिनिधि पर वायरल हो रहा ये लेटर, जानें क्या है सच्चाई

सुशील पासी को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का प्रतिनिधि बनाए जाने की खबर फर्जी निकली. इससे पहले सोशल मीडिया मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ था कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सचिव और बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी सुशील पासी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. पासी को रायबरेली में अपना सांसद प्रतिनिधि बनाया है. मगर बाद में राहुल के दफ्तर की तरफ से बताया गया कि ये फर्जी खबर है. ये फर्जी लेटर है. ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है.

जब इस वायरल लेटर की सच्चाई जानने के लिए टीवी9 के एसोसिएट एडिटर कुबूल अहमद ने सुशील पासी से बात की तो उन्होंने बताया, ‘मुझे अभी इसकी कोई जानकारी नहीं मिली. हां लोग मुझे फोन पर बधाई जरूर देने लगे हैं लेकिन हमें इसकी आधिकारिक सूचना नहीं है. सोशल मीडिया पर एक लेटर जरूर वायरल हो रहा है पर मुझे इसके बारे में पता नहीं है.’

ये है फर्जी लेटर

Sushil Pasi

सुशील कुमार पासी है इस समय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्यरत हैं और बिहार के प्रभारी भी हैं. पिछले साल उन्हें बिहार प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया था. हाल के समय में उन्हें रायबरेली में काफी सक्रिय देखा गया है. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. उनका सियासी करियर सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान पर केंद्रित रहा है.

लेटर हो रहा है वायरल

पिछले विधानसभा चुनाव (2022) में उन्होंने रायबरेली की बछरावां विधानसभा सीट से ताल ठोकी थी लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. वह तीसरे स्थान पर रहे थे. इससे पहले भी उन्होंने यहां से चार बार निर्दलीय चुनाव लड़ा पर जीत एक बार भी नसीब नहीं हुई. बछरावां की जनता ने सुशील को हमेशा विधायक बनाने से इंकार कर दिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.