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20 लाइन की अर्जी में लिखीं 13 गलतियां, एग्जाम में 200 में से 184 नंबर मिले… फर्जीवाड़ा कर एसआई बन गई मोनिका; पूरी कहानी

एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक मामले में एसओजी ने एक महिला सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी सब इंस्पेक्टर ने भर्ती एग्जाम के हिंदी सब्जेक्ट में 200 में से 184 नंबर मिले थे. उसका मैरिट में 34वां स्थान आया था. जांच में पाया गया है कि आरोपी महिला सब इंस्पेक्टर ने 15 लाख रुपये देकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल की थी. जब उसका इंटरव्यू हुआ तो उसे केवल 15 नंबर मिले. उसका एग्जाम सेंटर अजमेर था और 15 सितंबर 2021 में उसने एग्जाम दिया था

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इस मामले में 52 थानेदार गिरफ्तार किए हैं. पकड़ी गई महिला सब इंस्पेक्टर का नाम मोनिका जाट है. वह नवलगढ़ के सुल्तानपुर हाल सीकर के दादिया स्थित तारपुरा की रहने वाली है. उसने ब्लूटूथ के जरिए नकल की थी, इसके एवज में उसने नकल माफिया पौरव कालेर को 15 लाख रुपये दिए थे.

20 लाइन में 13 गलतियां

मोनिका ने झुंझुनूं पुलिस लाइन में आमद कराने के लिए प्रार्थना पत्र लिखा था. उसमें उसने 20 लाइन लिखीं, जिनमें 13 हिंदी के शब्दों में गलतियां थीं.पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मोनिका जाट ने नकल के लिए ब्लूटूथ की मदद ली थी. उसे नकल कराने वाले गिरोह के सरगना पौरव कालेर ने एग्जाम की दोनों पाली में पेपर पढ़ाया था. उसे इस एग्जाम में हिंदी विषय में 200 में से 184 अंक मिले थे. इसके अलावा सामान्य विषय में 200 में से 161 अंक हासिल हुए थे. जब मोनिका का इंटरव्यू हुआ तो उसमें उसे केवल 15 नंबर ही मिल सके.

मैरिट में मिला 34वां स्थान

मोनिका जाट को लिखित परीक्षा में नंबर अच्छे मिलने से उसे मैरिट में 34वां स्थान मिला. पुलिस टीम ने नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर को गिरफ्तार किया. उसकी गिरफ्तारी की खबर पाकर मोनिका जाट फरार हो गई. इस बीच वह मेडिकल पर रही. इस बीच वह कोई भी मेडिकल सार्टिफिकेट नहीं लगा पाई.आरोपी को एसओजी मुख्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया.

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