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हांसी के बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल को मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड: किसान के बेटे ने तानों से लेकर पदकों तक तय किया सफर, गांव सोरखी में जश्न

हांसी (हरियाणा): हांसी जिले के छोटे से गांव सोरखी के एक किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराने वाले बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने खेल जगत में नया इतिहास रच दिया है।

मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल का चयन देश के प्रतिष्ठित खेल सम्मान ‘अर्जुन अवॉर्ड’ के लिए हुआ है। नरेंद्र के चयन की आधिकारिक सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव सोरखी और पूरे परिवार में खुशी और उल्लास का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ इस गौरवमयी उपलब्धि का जश्न मनाया।

💪 2009 में शुरू हुआ था सफर, तानों के बीच पिता बने हौसले की ढाल

नरेंद्र की यह ऐतिहासिक सफलता 16 वर्षों के कठिन संघर्ष, त्याग और अटूट समर्पण का परिणाम है:

  • शुरुआती चुनौतियां: नरेंद्र ने वर्ष 2009 में मुक्केबाजी के खेल में पहला कदम रखा था। उस समय संसाधनों की कमी और अनिश्चित भविष्य को लेकर गांव के कुछ लोग ताने भी मारते थे।

  • पिता का अटूट विश्वास: विपरीत परिस्थितियों में पिता जगदीश बेरवाल चट्टान की तरह अपने बेटे के साथ खड़े रहे। उन्होंने तानों की परवाह किए बिना नरेंद्र का मनोबल बढ़ाया और दिन-रात कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया।

  • भिवानी में तराशी गई प्रतिभा: तमाम आर्थिक व सामाजिक चुनौतियों से जूझते हुए नरेंद्र ने भिवानी बॉक्सिंग अकादमी में दाखिला लिया और कोच देवराज के कुशल मार्गदर्शन में मुक्केबाजी की तकनीकी बारीकियों को सीखा।

🎖️ 2013 में भारतीय सेना में हुए भर्ती, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते कई पदक

कड़ी मेहनत के दम पर नरेंद्र ने न सिर्फ भारतीय सेना में स्थान बनाया बल्कि वैश्विक मंचों पर भी देश का मान बढ़ाया:

  • भारतीय सेना में चयन: वर्ष 2013 में नरेंद्र का चयन भारतीय सेना में हुआ, जिसके बाद उन्हें प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के बेहतर अवसर मिले।

  • विश्व स्तरीय उपलब्धियां: नरेंद्र ने फिलीपींस यूथ वर्ल्ड कप में रजत पदक, आर्मेनिया यूथ एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक और मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

  • एशियन और नेशनल गेम्स में दबदबा: उन्होंने वर्ष 2023 के हांगझू एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीता तथा 2025 के नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपना दबदबा साबित किया।

🥈 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 90+ किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक रजत पदक

हाल ही में आयोजित ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में नरेंद्र बेरवाल ने 90 किलोग्राम से अधिक (सुपर हैवीवेट) भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश को गौरवान्वित किया:

  • शानदार मुकाबला: पूरे टूर्नामेंट में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए नरेंद्र फाइनल तक पहुंचे।

  • सिल्वर मेडल पर कब्जा: फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के मुक्केबाज डेमर थॉमस के खिलाफ 0-5 से परिणाम आने के बावजूद उनके जुझारू प्रदर्शन ने देशवासियों का दिल जीता और उन्होंने भारत की झोली में रजत पदक डाला।

❤️ परिजनों में गर्व का माहौल: 16 साल की तपस्या के बाद हांसी के इतिहास में जुड़ा नया अध्याय

नरेंद्र बेरवाल के अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुने जाने पर परिवार और पूरे क्षेत्र में गर्व की लहर है:

  • माता-पिता का बयान: नरेंद्र के पिता जगदीश बेरवाल और माता रोशनी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि सोरखी गांव, हांसी और पूरे हरियाणा के लिए गौरव का क्षण है।

  • खेल इतिहास में नया पन्ना: वर्ष 2009 से शुरू हुआ यह सफर, 16 वर्षों की अनवरत मेहनत और देश के लिए जीते गए पदकों की बदौलत अब अर्जुन अवॉर्ड के रूप में स्वर्णिम मुकाम पर पहुंच गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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