Logo
ब्रेकिंग
Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड... Chhattisgarh CM Visit: रायगढ़ के बनोरा आश्रम में सीएम साय ने खाया पंगत में प्रसाद; 8 एकड़ में बने आध... Ranchi TB Free Mission: टीबी मुक्त झारखंड के लिए NHM की बड़ी पहल; 350 NCC कैडेट्स बने 'माई भारत वॉलि... Katras Coalfield Threat: धनबाद में भू-धंसान प्रभावित परिवारों को अटल क्लिनिक में मिली शरण; बेलगड़िया... Surender Koli Death Mystery: हरिद्वार में मृत मिले सुरेंद्र कोली को लेकर पीड़ित परिवार का आरोप, 'जान... FDA Alert Maharashtra: इंदौर की कंपनी द्वारा निर्मित पैरासिटामोल व टेल्मिसर्टन टैबलेट्स की जांच रिपो... Beneshwar Dham News: डूंगरपुर में भारी बारिश से टापू बना प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम; त्रिवेणी संगम उफान प... Maharashtra Railway Infrastructure: मुकुटबन-गडचांदूर के बीच बनेगी 38 किमी नई रेल लाइन; ₹493 करोड़ की... Surender Koli Suicide News: निठारी कांड के चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली की संदिग्ध मौत, हरिद्वार में ल... Punjab Politics: पंजाब में नशे के खिलाफ BJP का आर-पार का संग्राम; 4 कोनों से शुरू होंगी यात्राएं, जा...
Header Ad

शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अभ्यर्थियों को झटका

बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षक (कृषि) के पद पर भर्ती के लिए B.Ed. की अनिवार्य योग्यता में एकमुश्त छूट देने की अभ्यर्थियों की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता, पात्रता मानदंड और सेवा शर्तें निर्धारित करना पूर्णतः राज्य सरकार एवं सक्षम नियम बनाने वाले प्राधिकारी का अधिकार क्षेत्र है। न्यायालय किसी भी भर्ती के लिए तय अनिवार्य योग्यता में अपनी ओर से कोई नई छूट या अपवाद नहीं बना सकता।

📜 65 अभ्यर्थियों ने लगाई थी याचिका: ‘नियम बदलने के बाद नहीं मिला पर्याप्त समय’

मामले की पृष्ठभूमि और अभ्यर्थियों के तर्क:

  • 2019 के पुराने नियम: वर्ष 2019 से लागू पात्रता व्यवस्था के तहत शिक्षक (कृषि) के पद के लिए B.Ed. की बाध्यता नहीं थी।

  • डिवीजन बेंच का पिछला निर्देश: ‘अशोकानंद पटेल बनाम छत्तीसगढ़ राज्य’ मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पूर्व में दी गई छूट को असंवैधानिक घोषित करते हुए राज्य सरकार को NCTE Regulations, 2014 के अनुरूप B.Ed. योग्यता अनिवार्य करने का निर्देश दिया था।

  • 13 फरवरी 2026 की अधिसूचना: राज्य सरकार ने नए नियमों के तहत 13 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी कर कृषि शिक्षक पद के लिए B.Ed. को अनिवार्य कर दिया।

  • अभ्यर्थियों की दलील: 28 जुलाई 2026 को शॉर्ट विज्ञापन जारी होने और 2 सितंबर 2026 अंतिम तिथि होने के कारण 65 अभ्यर्थियों ने अदालत से गुहार लगाई थी कि पाठ्यक्रम में 2 वर्ष का समय लगता है, इसलिए उन्हें इस बार बिना B.Ed. शामिल होने और चयन के बाद योग्यता हासिल करने का अवसर दिया जाए।

🏛️ राज्य सरकार और चयन बोर्ड ने किया कड़ा विरोध

प्रशासनिक रुख:

  • डिवीजन बेंच के आदेश का पालन: राज्य शासन और छत्तीसगढ़ स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड की ओर से दलील दी गई कि B.Ed. की अनिवार्यता न्यायालय के पूर्व आदेश और NCTE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है।

  • समानता का नियम: अनिवार्य योग्यता में न्यायालय द्वारा किसी विशेष वर्ग को छूट देना भर्ती प्रक्रिया के मूल नियमों के विरुद्ध होगा।

👩‍⚖️ पात्रता तय करना सरकार का अधिकार, व्यक्तिगत सुविधा के लिए नहीं मिल सकती छूट

हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां:

  • योग्यता निर्धारण का अधिकार: पीठ ने टिप्पणी की कि भर्ती की न्यूनतम योग्यताएं तय करना कार्यपालिका का काम है; अदालत अपनी राय को सरकार की पात्रता शर्तों के ऊपर नहीं थोप सकती।

  • अनुच्छेद 226 का दायरा: संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायिक समीक्षा का दायरा केवल निर्णय प्रक्रिया की संवैधानिकता, मनमानी या वैधानिकता की जांच तक सीमित है।

  • याचिका खारिज: कोर्ट ने अभ्यर्थियों को एक बार की अंतरिम या संक्रमणकालीन छूट देने से इनकार करते हुए याचिका को मोशन स्टेज पर ही खारिज कर दिया।

Comments are closed.