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बिहार के SIR और वोट चोरी के दावों के बीच केंद्रीय मंत्री के घर के पास से मिले वोटर ID, मची सियासी हलचल

पूरे देश में जहां इस वक्त बिहार के SIR और वोट चोरी को लेकर चर्चा तेज है. वहीं, इसी बीच मध्य प्रदेश में केंद्रीय मंत्री के घर के पास वोटर आईडी कार्ड मिले हैं. दरअसल, विपक्ष बिहार के SIR (वोटर लिस्ट रीविजन) को लेकर चुनाव आयोग को घेर रहा है. साथ ही कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि चुनाव में वोट चोरी हुई इसी को लेकर उन्होंने सबूत भी पेश किए हैं. इसी बीच अब मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मंत्री के घर के पास वोटर आईडी कार्ड मिले हैं. इसको लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है.

टीकमगढ़ शहर में केंद्रीय मंत्री और सांसद डॉ. वीरेन्द्र खटीक के घर के पास से बुधवार देर शाम लगभग आधा सैकड़ा वोटर आईडी कार्ड बरामद होने का मामला सामने आया है. यह घटना सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.

सांसद प्रतिनिधि ने बताया साजिश

सांसद प्रतिनिधि ने इसको साजिश बताया है. सांसद प्रतिनिधि विवेक चतुर्वेदी ने इस पूरे मामले को षड्यंत्र करार दिया है. उनका कहना है कि केंद्रीय मंत्री और सांसद डॉ. वीरेन्द्र कुमार की छवि खराब करने के मकसद से यह साजिश रची गई. चतुर्वेदी का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले स्वास्थ्य विभाग के एक शासकीय कर्मचारी ने इन कार्डों को फेंका है. उन्होंने इस दावे के समर्थन में सीसीटीवी फुटेज भी पेश की है. हालांकि, फुटेज में साफ तौर पर वोटर आईडी फेंकते नजर नहीं आ रहे हैं, लेकिन एक महिला कचरा जैसा कुछ फेंकती जरूर दिख रही है.

प्रशासन ने बताए पुराने कार्ड

वहीं, इस मामले में प्रशासन का कहना है कि मिले हुए सभी वोटर आईडी कार्ड साल 2011 के बने हुए हैं. तहसीलदार सतेंद्र सिंह गुर्जर के अनुसार, निर्वाचन शाखा इनकी जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा.

उठ रहे कई सवाल

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर इतनी बड़ी संख्या में ये वोटर आईडी कार्ड आए कहां से? इनका दुरुपयोग किस मकसद से और किन लोगों ने किया? सबसे अहम सवाल जब पूरे देश में वोट चोरी और एसआईआर को लेकर पहले से ही बवाल मचा हुआ है, तब केंद्रीय मंत्री के घर के पास इतनी संदिग्ध तरीके से वोटर आईडी कार्ड मिलना क्या सिर्फ इत्तेफाक है या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है?

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