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फर्जी ट्रांसफर कांड: BMO की शिकायत पर पलारी पुलिस का कड़ा एक्शन, करण देवांगन समेत 4 के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस

बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़): बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अंतर्गत आने वाले पलारी क्षेत्र में सरकारी अधिकारी के जाली हस्ताक्षर कर फर्जी ट्रांसफर आदेश तैयार करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।

आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर एक कर्मचारी के तबादले का कूट रचित आदेश तैयार किया गया और उसे असली सरकारी आदेश बताकर दफ्तर में जमा कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पलारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में पदस्थ ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन के तबादला आदेश से जुड़ा हुआ है।

🕵️ BMO की शिकायत से खुला फर्जीवाड़े का खेल, 14 अगस्त की तारीख का था कथित आदेश

फर्जीवाड़े का खुलासा और शिकायत की पृष्ठभूमि:

  • बीएमओ की लिखित शिकायत: पलारी के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. पंकज वर्मा ने 17 अगस्त 2026 को थाने में आधिकारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

  • दफ्तर में जमा किया आदेश: शिकायत के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में तैनात ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन ने कार्यालय में अपना ट्रांसफर और रिलीविंग ऑर्डर (कार्यमुक्ति आदेश) जमा किया था।

  • फर्जी क्रमांक और तारीख: प्रस्तुत किए गए दस्तावेज पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, बलौदाबाजार-भाटापारा का फर्जी आदेश क्रमांक और 14 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज थी, जिसमें करण का तबादला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर (विकासखंड भाटापारा) किए जाने का उल्लेख था।

❌ स्वास्थ्य विभाग ने आदेश को बताया पूरी तरह फर्जी, हस्ताक्षर से भी किया इनकार

प्रशासनिक जांच और विभागीय स्थिति:

  • कोई आदेश जारी नहीं हुआ: CMHO कार्यालय द्वारा की गई प्राथमिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि विभाग की ओर से करण कुमार देवांगन के स्थानांतरण का ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया था।

  • जाली हस्ताक्षर की पुष्टि: संबंधित सक्षम अधिकारी ने कथित आदेश पर किए गए हस्ताक्षरों को अपना मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।

  • राज्य संवर्ग का पद: स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण चिकित्सा सहायक राज्य संवर्ग का पद है और इनके स्थानांतरण का अधिकार केवल राज्य शासन के पास सुरक्षित है। इसके अलावा, उस अवधि में स्थानांतरण पर सामान्य प्रतिबंध भी प्रभावी था।

⚖️ BNS की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, 4 आरोपियों को भेजा गया जेल

कानूनी कार्रवाई और पुलिसिया तफ्तीश के मुख्य बिंदु:

  • गंभीर धाराओं में FIR: बीएमओ के बयान और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर पलारी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

  • चार आरोपियों की गिरफ्तारी: मामले में करण कुमार देवांगन, रवि कुमार सेन, कृष्णा अवस्थी और पुनिराम पटेल को नामजद कर पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • गहन फॉरेंसिक जांच: पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रही है कि फर्जी दस्तावेज किस प्रिंटर/कंप्यूटर पर तैयार हुआ, हस्ताक्षर की नकल किस स्तर पर की गई और इस पूरे सिंडिकेट में अन्य किन लोगों की संलिप्तता थी।

👥 संगठनात्मक स्तर पर भी एक्शन, जांच जारी

मामले से जुड़े अन्य पहलू:

  • दायित्वों से मुक्ति: मामले में संलिप्तता सामने आने के बाद संबंधित संगठन स्तर पर भी संज्ञान लेते हुए आरोपियों को उनके संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है।

  • पुलिस की पैनी नजर: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में अग्रिम कानूनी प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।

Balodabazar fake transfer case

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