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जम्मू-कश्मीर के राजौरी में दूषित पानी बना मौत का कारण: दो की गई जान, पांच झरने सील

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में पिछले हफ्ते गंदे पानी ने हड़कंप मचा दिया है. कोटरांका उप-मंडल के धार सकरी गांव में दो लोगों की गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डायरिया से मौत हो गई है. इसके अलावा 40 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए है. जांच में पता चला कि गांव के दो झरनों के पानी में ई-कोली बैक्टीरिया मौजूद था, जो पेट और मूत्र मार्ग में संक्रमण का कारण बना है.

क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोहर लाल राणा ने बताया कि धार सकरी से 40 और पास के त्राला गांव से एक मरीज सामने आया है. बता दें कि मरने वालों में दो महिलाएं शामिल थीं एक 75 साल की बुजुर्ग महिला थीं, जिन्हें पहले से ही दूसरी बीमारियां थीं. दूसरी 40 साल की महिला थीं, जिनकी मौत गंभीर डिहाइड्रेशन और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर से हुई थी.

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

जांच के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की. दो झरनों में ई-कोली बैक्टीरिया मिलने के बाद कुल पांच झरनों को सील कर दिया गया है. इनका उपचार भी शुरू कर दिया गया है. नल का पानी पीने के लिए सुरक्षित पाया गया. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे झरनों का अनुपचारित पानी न पिएं. केवल साफ और उपचारित पानी का इस्तेमाल करें. इसके लिए एक सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह भी जारी की गई है.

क्यों होती हैं गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डायरिया की समस्याएं?

गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डायरिया की समस्याएं आमतौर पर दूषित भोजन या पानी के सेवन या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से होती हैं. यह संक्रमण पेट और आंतों में सूजन का कारण बनता है, जिससे दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं. गैस्ट्रोएंटेराइटिस, जिसे पेट फ्लू भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट और आंतों में सूजन आ जाती है. यह आमतौर पर वायरस, बैक्टीरिया या परजीवियों के कारण होता है.

कौन-कौन से मुख्य कारण हैं?

वायरल संक्रमण: रोटावायरस और नोरोवायरस जैसे वायरस गैस्ट्रोएंटेराइटिस का एक सामान्य कारण हैं. बैक्टीरियल संक्रमण: साल्मोनेला, ई. कोली, और कैम्पिलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया दूषित भोजन या पानी के माध्यम से फैल सकते हैं. परजीवी संक्रमण: क्रिप्टोस्पोरिडियम और गियार्डिया जैसे परजीवी दूषित पानी के माध्यम से फैल सकते हैं. गंदा भोजन या पानी: खराब स्वच्छता, अपर्याप्त रूप से पके हुए भोजन, या दूषित पानी का सेवन गैस्ट्रोएंटेराइटिस के संक्रमण का कारण बन सकता है. व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क: संक्रमित व्यक्ति के मल या उल्टी के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैल सकता है।

रोकथाम के उपाय क्या हैं?

हाथों को अच्छी तरह धोना: खाने से पहले और बाद में, शौचालय का उपयोग करने के बाद, और सार्वजनिक स्थानों से आने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं. सुरक्षित भोजन का सेवन: सुनिश्चित करें कि भोजन अच्छी तरह से पका हुआ है, और दूषित भोजन या पानी से बचें. सुरक्षित यात्रा: यात्रा करते समय, दूषित पानी या भोजन से बचें, और उबला हुआ या बोतलबंद पानी का उपयोग करें. टीकाकरण: कुछ मामलों में जैसे कि रोटावायरस के लिए, बच्चों को टीका लगाया जा सकता है तो जरूर उसे लगवाएं.

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