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गिरिडीह के पूर्व नक्सली इतवारी हांसदा की रांची रिम्स में इलाज के दौरान मौत, हाल ही में किया था सरेंडर

रांची (झारखंड): गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के निवासी और हाल ही में मुख्यधारा में लौटे पूर्व नक्सली इतवारी हांसदा उर्फ सोनोत उर्फ शनिचरा (26 वर्ष) की रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में इलाज के दौरान मौत हो गई।

इतवारी हांसदा ने हाल ही में झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष विधिवत आत्मसमर्पण (सरेंडर) किया था, जिसके उपरांत उसे न्यायिक अभिरक्षा में हजारीबाग स्थित ओपन जेल में रखा गया था। ओपन जेल में अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसने अंतिम सांस ली।

🏥 हजारीबाग ओपन जेल में बिगड़ी थी तबीयत, मेडिकल बोर्ड की सलाह पर रिम्स किया गया था रेफर

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसी वर्ष 28 जुलाई को शनिचरा ने अपने 16 अन्य नक्सली साथियों के साथ आत्मसमर्पण की नीति के तहत हथियार डाले थे।

इसके पश्चात 31 जुलाई को उसे हजारीबाग स्थित ओपन जेल भेजा गया था। जेल पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद उसे तेज बुखार, अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं। जेल चिकित्सक के परामर्श पर प्राथमिक उपचार के बाद 2 अगस्त को उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में दाखिल कराया गया। स्थिति में अपेक्षित सुधार न होने पर 4 अगस्त को अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा की अनुशंसा की, जिसके उपरांत 7 अगस्त को उसे रांची के रिम्स अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। चिकित्सकों की सघन निगरानी में चले उपचार के बावजूद उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई और 13 अगस्त को सुबह 10:29 बजे उसकी मृत्यु दर्ज की गई।

🛡️ 1 करोड़ के इनामी शीर्ष नक्सली मिसिर बेसरा का अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) था इतवारी

झारखंड पुलिस के खुफिया रिकॉर्ड के अनुसार, इतवारी हांसदा भाकपा (माओवादी) संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा का मुख्य बॉडीगार्ड रह चुका था।

सोनाराम हांसदा का पुत्र इतवारी गिरिडीह जिले के मधुबन थाना अंतर्गत मोहनपुर गांव का मूल निवासी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आत्मसमर्पण के बाद वह विभिन्न नक्सली मामलों में एक विचाराधीन बंदी के रूप में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहा था। उसकी मृत्यु के उपरांत जेल प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को विधिवत सूचित कर दिया गया है। फिलहाल चिकित्सकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर मामले में आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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