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इन्वर्टर की बैटरी चलेगी सालों-साल, अगर इस तरह रखेंगे ख्याल

गर्मियां आते ही कई राज्यों में बिजली कटौती की समस्या शुरू हो जाती है. गर्मी से बचने के लिए लोग घर में इन्वर्टर लगाते हैं लेकिन आपका इन्वर्टर कितने सालों तक आपका साथ निभाएगा, ये बैटरी लाइफ पर निर्भर करेगा. कुछ लोगों का कहना है कि इन्वर्टर की बैटरी सालों-साल चली तो वहीं कुछ लोग इस बात से परेशान होते हैं कि इन्वर्टर की बैटरी दो-तीन साल में ही खराब हो गई.

बैटरी लाइफ पर असर पड़ने का सीधा मतलब है कम बैटरी बैकअप मिलना. बैटरी बैकअप का कम होना इस बात का भी संकेत देता है कि बैटरी को बदलने की जरूरत है लेकिन आज हम आपको इस बात की जानकारी देंगे कि आप किस तरह से बैटरी का ख्याल रख सकते हैं?

पहली जरूरी बात: हमेशा इन्वर्टर को हवादार जगह पर ही इंस्टॉल कराएं, चार्जिंग और बिजली जाने पर जब इन्वर्टर पर लोड़ बढ़ता है उस वक्त बैटरी गर्म होने लगती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि इन्वर्टर और बैटरी ऐसी जगह पर हो जहां वेंटिलेशन अच्छा हो. सही वेंटिलेशन से भी बैटरी लाइफ खराब होने का चांस कम हो जाता है.

दूसरी जरूरी बात: इन्वर्टर की बैटरी में आपको वॉटर लेवल मार्क नजर आएंगे जिसमें हाई और लो के लिए लाल निशान दिखेगा. अगर बैटरी में पानी पर्याप्त है तो आपको निशान ऊपर की तरफ दिखेगा लेकिन अगर लाल निशान नीचे की ओर दिख रहा है तो इसका मतलब ये है कि बैटरी में पानी कम हो रहा है.

इन्वर्टर की बैटरी में पानी डालते रहें, बैटरी में डिस्टिल्ड वॉटर का ही इस्तेमाल करें. कम वॉटर लेवल पर बैटरी का इस्तेमाल बैटरी लाइफ को कम कर सकता है. नल से पानी लेकर बैटरी में डालने की गलती न करें, क्योंकि नल से निकले पानी में अशुद्धियां हो सकती है जो बैटरी को खराब कर सकती है. बैटरी के लिए पानी आपको इन्वर्टर बेचने वालों के पास मिल जाएगा.

तीसरी जरूरी बात: इस बात को चेक करते रहें कि बैटरी में जो नट लगे हैं यानी टर्मिनल जहां से वायर कनेक्ट है, वहां कार्बन तो जम रहा है. अक्सर इस एरिया पर कार्बन जमने लगता है जो बैटरी के लिए सही नहीं है. कार्बन को हटाने के लिए गर्म पानी और टूथ ब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है, इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर आप पानी और कार्बन को भी साफ करवा सकते हैं.

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