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‘अभी गांव वापस न लौटें’, सीमावर्ती इलाकों से निकाले गए लोगों को जम्मू-कश्मीर पुलिस का आदेश

भारत-पाकिस्तान के बीच शनिवार को सीजफायर का ऐलान किया गया, हालांकि इस घोषणा के महज 4 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए एक बार फिर सीमा पार से एलओसी से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका भारतीय जवानों ने मुंहतोड़ जवाब दिया. सेना घाटी में चारों तरफ कड़ी निगरानी रख रही है. इस बीच पुलिस ने सीमावर्ती गांवों के निवासियों से घर वापस न लौटने को कहा है.

पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए रविवार को सीमावर्ती गांवों के निवासियों से कहा कि वो फिलहाल अपने घरों को वापस न लौटें, क्योंकि उन्होंने अभी तक इन क्षेत्रों को साफ नहीं किया है और न ही वहां से कोई गोला-बारूद हटाया है.. पुलिस ने कहा है कि पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद वहां हथियार बिखरे पड़े होने के कारण लोगों की जान जोखिम में है. ऐसे में उन्हें अभी भी इन क्षेत्रों को साफ करना है और किसी भी अज्ञात गोलाबारी को हटाना है.

1.25 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से की जा रही गोलाबारी के मद्देनजर बारामूला, बांदीपुरा और कुपवाड़ा जिलों में नियंत्रण रेखा के निकट स्थित गांवों के 1.25 लाख से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था. पाकिस्तानी गोलाबारी में उनके आवासों को निशाना बनाए जाने का अधिक खतरा था.

प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाएंगे बम निरोधक दस्ते

पुलिस का कहना है कि बम निरोधक दस्तों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जाएगा ताकि गांवों को साफ किया जा सके और वहां से ऐसे किसी भी बम को हटाया जा सके जिससे जानमाल की हानि हो सकती है. एडवाइजरी में कहा गया है कि 2023 में एलओसी के पास बचे हुए गोला-बारूद के विस्फोटों में 41 लोगों की जान चली गई थी.

पुंछ जिले में कुल 25 लोगों की मौत

बीते बुधवार से अब तक पुंछ जिले में कुल 25 लोगों की मौत हुई है, जबकि 18 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं. यह घटना उस समय हुई है, जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले का बदला लिया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे.

पाकिस्तान ने किया सीजफायर का उल्लंघन

भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद ज़मीन, हवा और समुद्र पर सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति बन गई. हालांकि, कुछ घंटों बाद भारत ने पाकिस्तान पर इस समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान से इन उल्लंघनों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने और स्थिति से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निपटने का आह्वान किया.

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