
सिंगरौली (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) निवास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल का एक सफाईकर्मी डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए बेधड़क मरीजों का इलाज करता और उन्हें इंजेक्शन लगाता नजर आ रहा है। यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों का प्रबंधन किस तरह भगवान भरोसे चल रहा है और मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है।
💉 सफाईकर्मी राम लखन साकेत का वीडियो वायरल, मरीजों की जान से खुला खिलवाड़
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास की स्थिति:
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सफाईकर्मी बना डॉक्टर: वायरल वीडियो में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास में पदस्थ सफाईकर्मी राम लखन साकेत महिला और पुरुष मरीजों को इंजेक्शन लगाते हुए साफ देखा जा सकता है।
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डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ गायब: स्थानीय नागरिकों के अनुसार, अस्पताल में अक्सर डॉक्टर और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी से नदारद रहते हैं, जिसके चलते मजबूरी में सफाईकर्मी ही पर्ची से लेकर इंजेक्शन और दवा वितरण तक का जिम्मा संभालते हैं।
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मरीजों की जान को खतरा: अप्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा सीधे नस या मांसपेशियों में इंजेक्शन लगाने से किसी भी समय गंभीर इन्फेक्शन या जानलेवा साइड-इफेक्ट होने का खतरा बना रहता है।
🚨 चितरंगी में गार्ड ने चढ़ाई थी बोतल, अब निवास अस्पताल का मामला: लगातार सामने आ रही लापरवाही
जिले में स्वास्थ्य तंत्र की पूर्व घटनाएं:
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गार्ड द्वारा ड्रिप चढ़ाने का मामला: सिंगरौली जिले के ही चितरंगी स्वास्थ्य केंद्र में कुछ दिन पूर्व सुरक्षा गार्ड (सिक्योरिटी गार्ड) द्वारा मरीज को ग्लूकोज की बोतल (ड्रिप) चढ़ाने का मामला सामने आया था।
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पुनरावृत्ति पर सवाल: लगातार एक के बाद एक ऐसी घटनाएं सामने आने से जिला अस्पताल प्रबंधन, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की कार्यशैली व निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
📋 सीएमएचओ पुष्पराज सिंह ठाकुर ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आगे का एक्शन:
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संज्ञान में आया मामला: मामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) सिंगरौली डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को आधिकारिक संज्ञान में ले लिया गया है।
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जांच दल का गठन: पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत पड़ताल के लिए एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है।
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कठोर कार्रवाई की चेतावनी: सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस स्तर की लापरवाही बेहद गंभीर है; जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित डॉक्टर, अस्पताल प्रभारी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय व विधिक नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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