Logo
ब्रेकिंग
जालंधर की डॉक्टर के सोशल मीडिया वीडियो से मचा हड़कंप: LPU छात्रों को लेकर किए सनसनीखेज दावे Punjab Power Crisis: पंजाब में बिजली संकट गहराया, मांग 16,600 मेगावाट पार; जालंधर में सड़कों पर उतरे... Yamunanagar News: टोडरपुर गांव में बंदर को जिंदा निगल गया 15 फीट लंबा अजगर, वन्य जीव विभाग ने किया स... Homemade Soap for Sensitive Skin: घर पर बनाएं नेचुरल नीम-एलोवेरा साबुन, ड्राई स्किन और फंगल इंफेक्शन... Ranchi Crime News: रांची में डॉक्टर से 80.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी, रिश्तेदार समेत 6 लोगों पर FIR दर... Ranchi Cyber Crime: बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी ऐप से 70 वर्षीय बुजुर्ग से 4.90 लाख की ठगी, 6 आरोपियों प... Khunti Human Trafficking: खूंटी पुलिस ने नाकाम की मानव तस्करी की साजिश, 20 हजार की नौकरी का झांसा दे... Haryana Weather Update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 18 सितंबर तक झमाझम बारिश; यमुनानगर में आं... Haryana Sports News: बहादुरगढ़ में 1600 तैराकों का महाकुंभ, मुख्य अतिथि अविनाश चोपड़ा ने की अनिल खत्... How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका...
Header Ad

रेप, मारपीट, SC-ST के तहत केस… 29 लोगों के खिलाफ झूठा मुकदमा कराया; अब वकील को उम्रकैद; सजा सुनाते हुए कोर्ट क्या बोला?

लखनऊ की एक विशेष अदालत ने अधिवक्ता परमानंद गुप्ता को फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर 29 लोगों को जेल भेजने और परेशान करने के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. अनुसूचित जाति/जनजाति निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने परमानंद पर 5.10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि परमानंद जैसे अपराधी न्यायालय में प्रैक्टिस करने योग्य नहीं हैं और न्यायपालिका की शुचिता बनाए रखने के लिए इस निर्णय की प्रति बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजी जाएगी.

परमानंद गुप्ता ने अपनी पत्नी संगीता गुप्ता के ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली पूजा रावत को हथियार बनाकर यह गोरखधंधा चलाया. पूजा, परमानंद के प्रभाव में आकर उनके इशारे पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाती थी. विशेष लोक अभियोजक अरविंद मिश्रा ने बताया कि परमानंद का विभूतिखंड निवासी अरविंद यादव और उनके भाई अवधेश यादव से संपत्ति को लेकर विवाद था. इस विवाद के चलते परमानंद ने पूजा को पीड़िता बनाकर दोनों भाइयों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और दुष्कर्म का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया.

जांच में खुला सच

18 जनवरी 2025 को दर्ज इस मुकदमे की जांच तत्कालीन एसीपी विभूतिखंड राधा रमण सिंह को सौंपी गई. जांच में सारे आरोप निराधार पाए गए. पता चला कि परमानंद की पत्नी और आरोपियों के बीच खसरा संख्या 351 को लेकर संपत्ति विवाद था, जिसके चलते यह फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और फोन कॉल डिटेल्स में कोई सबूत नहीं मिला जो आरोपियों पर लगाए गए दुष्कर्म, मारपीट या धमकी के दावों को सिद्ध करता. जांच में यह भी सामने आया कि परमानंद ने 18 और पूजा के जरिए 11 अन्य फर्जी मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज कराए थे.

पूजा ने कोर्ट में खोली पोल

मामले का सबसे रोचक पहलू तब सामने आया जब पूजा रावत को अदालत ने तलब किया. 4 अगस्त 2025 को पूजा ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में गोरखपुर से लखनऊ आई थी, जहां परमानंद और उनकी पत्नी संगीता ने उसे अपने जाल में फंसाया. पूजा ने स्वीकार किया कि उसने परमानंद के कहने पर ही मजिस्ट्रेट के सामने झूठे बयान दिए. उसने यह भी बताया कि उसके साथ कोई छेड़छाड़ या दुष्कर्म की घटना नहीं हुई थी. पूजा के बयानों और सशर्त माफी की अर्जी के आधार पर कोर्ट ने उसे माफी दे दी.

घटनास्थल पर कमरा ही नहीं एसीपी राधा रमण सिंह ने बताया कि पूजा के दुष्कर्म के दावे की जांच के लिए जब घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, तो वहां कोई कमरा ही नहीं मिला, केवल खाली प्लॉट था. कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा से भी साबित हुआ कि पूजा और आरोपियों के बीच कोई संपर्क नहीं था. गवाहों में परमानंद की पत्नी का नाम था, लेकिन आसपास के लोगों के वीडियो बयानों से पता चला कि पूजा उस इलाके में कभी रही ही नहीं.

कोर्ट का सख्त रुख

अदालत ने अपने फैसले में परमानंद के कृत्यों को गंभीर अपराध करार देते हुए कहा कि ऐसे लोग न्यायिक प्रक्रिया को दूषित करते हैं. कोर्ट ने साक्ष्यों और विशेष लोक अभियोजक अरविंद मिश्रा की मजबूत पैरवी के आधार पर परमानंद को उम्रकैद की सजा सुनाई. साथ ही, बार काउंसिल को सूचित करने का आदेश दिया ताकि परमानंद जैसे लोगों को वकालत से रोका जा सके. यह मामला न केवल कानूनी पेशे की नैतिकता पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सख्त जांच और मजबूत कानूनी कार्रवाई से फर्जी मुकदमों के खेल को रोका जा सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.